एक बूढ़ी माँ की सच्ची मुहब्बत | सच्ची कहानी | Motivational Story

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सच्ची कहानी

” उसकी माँ ने उससे कहा, “मेरे बेटे, मुझे दवा चाहिए।”

वह रोता हुआ घर से निकल गया, क्योंकि उसके पास अपनी बूढ़ी मां के लिए दवा लाने के पैसे नहीं थे।

वो घर के बाहर खड़ा रोता रहा, वो बहुत परेशान था।

थोड़ी देर के बाद वो निराश घर की तरफ वापस लौटने लगा ताकि अपनी माँ को बता सके कि उसके पास दवा लाने के पैसे नहीं है।

और जब वह घर में आया, तो उसने पाया कि उसकी माँ का मुँह आंसुओ से तर है और वो मर चुकी है

जब उसने अपनी माँ को मरा हुआ देखा, तो वह एक दर्दनाक आवाज़ में चिल्लाया, और एक फीकी आवाज में रोने लगा,

वो अपनी माँ से लिपट कर रो रहा था, क्योकि इस दुनिया में उसका उसकी माँ के सिवा कोई नहीं था।

थोड़ी देर के बाद उसकी सामने नज़र पड़ी तो देखा कि माँ की तकिया के नीचे एक कागज़ में कुछ लिखा रखा है

उसने वो कागज़ उठाया तो देखा उसमे लिखा हुआ था :-

“मेरे बेटे ! जब मैंने तुमसे दवा माँगी, तो मुझे पता था कि तुम्हारे पास पैसे नहीं हैं, और मेरी आत्मा मृत्यु के दर्द को महसूस कर रही थी, इसलिए मैंने तुम्हें बाहर जाने के लिए कहा ताकि तुम मुझे मरते हुए ना देखो, मेरे प्यारे बच्चे ! तुम मेरे बाद परेशान ना होना “

{ अपने माँ बाप का दिल कभी मत दुखाओ }

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