हसींन लड़की और खूनी बिल्ली 😱 | Cat horror Story in Hindi

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hindi horror story

  शाम का वक्त था, नमरा बाथरूम से नहा कर निकली, और खिड़की के पास आकर अपने बालों में कंघा करने लगी, उसे कंघा करता देख उसकी मां ने उस पर बड़बडा़ना शुरू कर दिया..

” तुमको मालूम है कि हमारे घर के सामने का कब्रिस्तान बहुत डरावना है वहाँ जिन्नात और आत्माएं रहती हैं, और तुम उसी खिड़की की तरफ खड़ी होकर के कंघा कर रही हो..? खुदा ना करे कोई मुसीबत तुम्हारे ऊपर आए, इसलिए खिड़की बंद करो दोबारा कभी ऐसा मत करना… “

नमरा एक बहुत खूबसूरत लड़की थी, जो भी उसे देखता तारीफ करते नहीं थकता था, शायद उस दिन नमरा ने बहुत बड़ी गलती कर दी थी….

नमरा ने देखा कि कब्रिस्तान की तरफ से एक कुत्ता बराबर उसके घर को देख कर भौकता जा रहा था जैसे किसी से बहुत डर रहा हो, नमरा समझ नहीं पा रही थी कि क्या बात है…? उसने कुत्ते को देखा और बड़बड़ाते हुए कहा : ओए साहब ! तुम्हें क्या नजर आ रहा है.. क्यों इतना भौंक रहे हो..?

अचानक नमरा को अपने पीछे से एक आवाज सुनाई दी..”मुझे देखकर भौक रहा है…” डर कर नमरा ने पीछे मुड़कर देखा तो उसे एक अजीब सा डरावना साया नजर आया और गायब हो गया…

नमरा बहुत डर गई थी, वो दौड़ती हुई अपनी मम्मी के पास चली गई, डर की वजह से नमरा कांप रही थी, मम्मी ने पूछा : बेटी ! क्या हुआ.. इतना डरी हुई क्यों हो…?, ” कुछ नहीं मम्मी…, नमरा ने जवाब दिया.. वह सोच रही थी कि आखिर वो मेरे पीछे कौन था…?

सुबह नमरा अपना कैमरा लेकर जंगल की तरफ गई ताकि जंगल की कुछ खूबसूरत तस्वीरें खींच सके.. उसे रास्ते में एक जख्मी बिल्ली नजर आई जिसके पैरों से खून बह रहा था, पहले तो उसने बिल्ली के दो-तीन फोटो खींचे, और फिर उसे उठाकर घर ले आई..

मम्मी ने हाथ में बिल्ली देखी तो गुस्से में पूछा कि ये जंगल से क्या उठा लाई हो…? नमरा ने जवाब दिया : कुछ नहीं मम्मी, रास्ते में यह बिल्ली जख्मी पड़ी थी, मुझे इस पर तरस आया इसलिए मैंने सोचा घर ले जाकर इसकी मरहम पट्टी करेंगे जब ये ठीक हो जाएगी तो इसे फिर से जंगल में छोड़ देंगे..

मम्मी ने कहा : बेटा ! यह जंगल बहुत खतरनाक है इस बिल्ली को घर में मत रखो.. मैंने मम्मी की बात नहीं मानी और वह बिल्ली लेकर अपने कमरे चली गई… काश मैंने मम्मी की बात मान ली होती तो मुझ पर वो मुसीबत ना आती…

नमरा उस बिल्ली को लेकर अपने कमरे में आ गई और उसका बैंडेज करके उसे सोफे पर डाल दिया, वह बिल्ली बराबर नमरा को देखे जा रही थी, उस बिल्ली की हरकतें ऐसी थी जैसे किसी इंसान की हों, नमरा थोड़ा सा डरी, लेकिन खुद को संभालते हुए नमरा ने अपने आप से कहा : “अरे ये मेरा भ्रम होगा, यह तो एक जानवर है..

“कहीं मम्मी का शक सही तो नहीं था..?” लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है यह तो एक सीधी-सादी बिल्ली है, और कभी-कभी जानवर भी ऐसी उल्टी-सीधी हरकतें करते हैं कि लगता है जैसे वो कोई इंसान हों.. नमरा ने खुद को समझाते हुए कहा…

उसके बाद वो अपना कैमरा लेकर कमरे के बाहर आ गई और एक कुर्सी डालकर गैलरी में बैठ गई, और फिर अपने कैमरे में जंगल से खींची तस्वीरें देखने लगी, वह बड़ी खुशी खुशी सारी तस्वीरें देख रही थी, लेकिन अचानक एक तस्वीर देखकर उसकी आंखें फटी की फटी रह गई और उसके हाथ कांपने लगे… ये कैसे हो सकता है…?

उसके माथे से पसीना बहने लगा, क्योंकि कैमरे की तस्वीरों में सारे जानवरों की तस्वीरें थी, लेकिन उसने इस बिल्ली की जो तस्वीरें जंगल में ली थी उन तस्वीरों से बिल्ली गायब थी पीछे का सिर्फ जंगल नजर आ रहा था..

ऐसा कैसे हो सकता है…? इस बिल्ली की तस्वीरें तो मैंने बड़ी अच्छी तरह ली थी, तो फिर इन तस्वीरों से बिल्ली कैसे गायब हो गई…?

नमरा तेजी से अपने कमरे की तरफ बढ़ी, उस वक्त उसकी चीख निकल गई जब उसने कमरे में देखा कि वह बिल्ली किसी इंसान का गोश्त अपने पंजों से नोच नोच कर बैठी खा रही है, उसकी आंखें लाल थी और उसके पंजे खून से तर थें..

नमरा को देखकर वो बिल्ली अचानक नॉर्मल होने लगी, उसकी लाल लाल आंखें धीरे-धीरे नीली होने लगी, और उसके खून से तर पंजों से खून अपने आप टपकनें लगा, नमरा ये सब देखकर सहम सी गई थी,

नमरा ने आगे बढ़कर उस बिल्ली को उठाया और तेजी से सीढ़ियों से उतरने लगी, मम्मी ने पूछा : कहाँ जा रही हो..? नमरा ने सिर्फ एक सीधा सा जवाब दिया : ” इस बिल्ली को जंगल में डालने..” मम्मी ने मना किया : बेटी ! अभी ना जाओ, शाम होने वाली है…

लेकिन नमरा ने मम्मी की बात न सुनी, और तेज कदमों के साथ घर से बाहर निकल गई, बहुत दूर जंगल में जाकर नमरा ने उस बिल्ली को जमीन पर डाल दिया और घर लौटने के इरादे से वापस मुड़ी, अचानक उसे अपने पीछे से किसी के गुर्राने और दहाड़ने की आवाज सुनाई दी, नमरा सहम सी गई थी, वो तेजी से घर की तरफ भागने लगी, दहाड़ने की आवाज ऐसा लग रहा था जैसे उसका पीछा कर रही हो, धीरे-धीरे वो आवाज उसके करीब आती जा रही थी…

नमरा ने एक बार भी पीछे मुड़कर नहीं देखा क्योंकि उसे लग रहा था कि अगर मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो आज मेरी मौत हो जाएगी, नमरा डरते हुए बहुत तेजी से दौड़ रही थी उसने अपने घर के पास आकर ही सांस ली और दरवाजे की चौखट पर गिरकर बेहोश हो गई..

आज इतवार का दिन था इसलिए नमरा के पिताजी घर पर ही थे उन्होंने जब नमरा को बेहोश होते देखा तो तेजी से उठकर नमरा की तरफ आए और उसे गोद में उठाकर घर के अंदर ले गए..

क्या हुआ मेरी बच्ची को…? नमरा की अम्मी ने पिताजी से पूछा, पिताजी ने जल्दी से डॉक्टर को फोन किया, थोड़ी ही देर में डॉक्टर आ गए उन्होंने देखकर बताया कोई खास बात नहीं है कुछ टेंशन की वजह से यह बेहोश हो गई थी, मैंने इसको रिलैक्स का इंजेक्शन लगा दिया है अभी थोड़ी देर में ये ठीक हो जाएगी, ये कुछ दवाएं हैं जब यह उठे तो उसको खिला देना, परेशान ना हो सब ठीक हो जाएगा..

पिताजी डॉक्टर के साथ दवाई लेने शहर चले गए, मम्मी बहुत परेशान थी वह नमरा के पास बैठी उसका सर दबा रही थी, थोड़ी देर के बाद नमरा ने धीरे-धीरे अपनी आंखें खोली, अचानक जब उसकी नजर सामने बालकनी पर पड़ी तो उसकी चीख निकल पड़ी.. क्योंकि बालकनी पर वही बिल्ली बैठी नमरा को बहुत घूर घूर के देख रही थी..

क्या हुआ मेरी बच्ची क्यों चिल्ला रही हो मैं तुम्हारे पास हूंँ.. मम्मी ने नमरा का सर दबाते हुए कहा,

ये… ये बिल्ली यहांँ कैसे आ गई..? मम्मी ने कहा : बेटा ये तो वही बिल्ली है जिसको तुम सुबह घर ले कर आई थी इसमें परेशान होने वाली क्या बात है… नमरा ने कपकपाती आवाज में कहा : मम्मी ये बिल्ली नहीं है..

ये सुनकर मम्मी भी थोड़ा सा डर गई, लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए नमरा से कहा : बेटा शायद तुम कुछ परेशान हो, मैं किचन से तुम्हारे लिए दूध ले करके आती हूंँ.. यह कहकर मम्मी किचन की तरफ चली गई..

नमरा उठकर खिड़की के पास गई, खिड़की के बाहर कब्रिस्तान की तरफ से वो कुत्ता आज भी घर की तरफ देख देख कर भौंक रहा था, आज नमरा समझ गई थी कि उस दिन वो कुत्ता क्यों भौंक रहा था..?

अचानक नमरा को लगा कि उसके पीछे कोई खड़ा है.. उसने पीछे मुड़कर देखा तो ये वही बिल्ली थी जो बालकनी में बैठी हुई थी, उसकी आंखें लाल हो रही थी और पंजों पर खून के निशान थे..

क…कौन हो तुम..? और क्या चाहते हो..? बड़ी हिम्मत करके नमरा ने उससे पूछा.. मैं जानती हूं तुम बिल्ली नहीं हो.. अचानक कमरे में धुआं सा छाने लगा, नमरा ने डर की वजह से अपनी दोनों आंखों पर हाथ रख लिया, धीरे-धीरे वह धुआं खत्म होने लगा.. जब नमरा ने सामने देखा तो उसका पूरा जिस्म कांपने लगा, एक बहुत ही डरावनी शक्ल का आदमी उसके सामने खड़ा था..

” मैं भी तुम्हारी तरह बहुत खूबसूरत था मगर तुम्हारी ही जैसी एक खूबसूरत लड़की ने मुझे धोखा दिया था, मैं उसका बदला तुमसे लूंगा, मैं तुमको नहीं छोडूंगा..” उस डरावनी शक्ल वाले आदमी ने दो कदम नमरा की तरफ बढ़ाते हुए कहा.. नमरा डर के मारे पीछे हट गई..

प्लीज मुझे छोड़ दो.. मुझे तुमसे बहुत डर लग लग रहा है.. नमरा ने रोते हुए उसके सामने हाथ जोड़कर कहा, वह आदमी एक डरावनी शक्ल में हंसा और कहने लगा कि “मुझे जो पसंद आ जाता है मैं उसका पीछा कभी नहीं छोड़ता”.. उसकी आंखें लाल हो रही थी,

अगले ही पल वह जिन्नात नमरा के अंदर घुस गया, वो अब नमरा के अंदर था और जोर जोर से हंस रहा था, नमरा ने अपने सारे बाल खोलकर अपने चेहरे पर बिखेर लिए थे.. उसकी आंखें लाल हो रही थी.. इतनी देर में मम्मी दूध लेकर आ गई..

“मेरी प्यारी बच्ची ! ये कैसी हालत तुमने बना रखी है..? लो ये दूध पी लो.. मम्मी ने कहा,

” भाग जाओ बुढ़िया यहांँ से..” नमरा ने गुर्राते हुए एक आदमी की आवाज में कहा, मम्मी बहुत डर गई, “मेरी बच्ची ! क्या हो गया है तुमको, तुम ये कैसे बोल रही हो..?

नमरा ने बहुत तेजी से मम्मी को धक्का दिया और बेड पर बैठकर बहुत जोर जोर से हंसने लगी, मम्मी भागती हुई कमरे से निकल गई और बाहर लॉन में जाकर नमरा के पिताजी को फोन करने लगी..

” हेलो..! आप जल्दी से घर आ जाइए, नमरा को पता नहीं क्या हो गया है…, जल्द ही पिताजी घर आ गए उन्होंने नमरा के कमरे में जाकर उसकी हालत देखी तो वह भी डर गए और फौरन करीब के मोहल्ले से एक मौलवी साहब को बुला लाए, मौलवी साहब ने जैसे ही घर की चौखट पर कदम रखा तो उनकी जुबान से निकला कि “इस घर में कोई जिन्नात है..” पिताजी ने कहा : हम इसीलिए आपको लेकर आए हैं…

मौलवी साहब नमरा के कमरे में गए, नमरा ने लाल-लाल डरावनी आंखों से मौलवी को देखा, मौलवी साहब ने नमरा के बेड के चारों तरफ एक घेरा सा खींच दिया और कुछ पढ़ना शुरू कर दिया.. नमरा बेड पर तड़पने लगी और एक डरावनी आवाज में कहने लगी कि मुझे परेशान मत करो_ मैं इसे नहीं छोडूंगा..

मौलवी साहब ने उसकी एक ना सुनी, और अपनी पढ़ाई जारी रखी, धीरे-धीरे नमरा की हालत सही होने लगी और अचानक वो बिस्तर पर बेहोश होकर गिर पड़ी, मौलवी साहब ने पिताजी की तरफ मुड़कर कहा कि अब आपकी बच्ची बिल्कुल सही है, उस जिन्नात को मैंने हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, अब वो कभी आपकी बच्ची को परेशान नहीं करेगा..

थोड़ी देर के बाद नमरा को होश आने लगा, वह उठकर बैठ गई और अपनी मम्मी से लिपट कर रोने लगी और पूछने लगी : ” मम्मी मुझे क्या हो गया था…? ” मम्मी ने कहा : बेटा कुछ नहीं, तुम पर जो कुछ भी था इन मौलवी साहब ने उसे खत्म कर दिया है, अब तुमको डरने की बिलकुल जरूरत नहीं है, तुम हमेशा के लिए सही हो चुकी हो..



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