पांच दोस्त और खूनी जंगल 💀| Forest hindi horror story

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Forest hindi horror story

  अनम आज बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि उसकी मम्मी ने उसे दोस्तों के साथ पिकनिक पर जाने की इजाजत दे दी थी, ये पांच दोस्त थें अनम, सना, करन, जीशान और फैसल.. ये पांचों दोस्त बहुत ज्यादा खुश थें, तीन दिनों का सफर करके ये सारे दोस्त कैलाशनाथ जंगल पहुंचे.. ये बहुत ख़तरनाक जंगल था जो कि लोगों की आबादी से बहुत दूर था…

शाम का वक्त होने वाला था ये सारे दोस्त उस जंगल में हंसते खेलते आगे की तरफ बढ़ते जा रहे थे, एक जगह पहुंचकर इन लोगों ने अपना कैंम्प लगाया और रात उसी जंगल में गुजारने का फैसला किया.. ये सारे दोस्त कैंप के बाहर आग जलाकर बैठे हुए चाय का मज़ा ले रहे थें_ सबके चेहरे पर मुस्कान थी लेकिन तभी जंगल में किसी के बहुत तेज चीखने की आवाज गूंजी, जिसे सुनकर इन सबके होश उड़ गएं लेकिन फिर करन ने कहा : अरे डरो मत, ये किसी जानवर की आवाज होगी, जंगल में ऐसी बातें हुआ करती हैं…

रात बहुत होने वाली थी सभी अपने-अपने बिस्तर पर लेट गए लेकिन अनम को नींद नहीं आ रही थी, वो अपने बिस्तर पर करवटें बदल रही थी तभी उसे कैंम्प के बाहर किसी की आहट महसूस हुई_ ऐसा लग रहा था जैसे कोई बाहर चल रहा है..? अनम चुपके से उठी और कैंम्प से बाहर निकल गई, उसने हर तरफ नजरें दौड़ाई लेकिन वहांँ तो सन्नाटा फैला हुआ था, तभी उसकी नजर पास के एक पेड़ पर पड़ी जिसकी आड़ में कोई साया खड़ा हुआ था…

अनम बहुत ज्यादा डर गई_ उसने टार्च से पेड़ की तरफ रोशनी डाली तो एक बहुत ही खूबसूरत नौजवान लड़का वहां खड़ा था जो अनम को अपने पास बुला रहा था… ये देखकर अनम के तो होश उड़ गएं और वो डरते हुए कदमों के साथ उसके पास पहुंची…

उस लड़के ने कहा : अनम मेरा नाम ” ज़ीशान ” है और मैं एक जिन्नात लड़का हूं, मुझसे डरो मत, मैं पिछले कई सालों से तुमसे बहुत मोहब्बत करता हूंँ.. ये सुनकर अनम को बड़ी हैरानी हुई और वो कहने लगी : मैं ने तो आज तक तुम्हें देखा भी नहीं तो फिर तुम मुझसे मोहब्बत कैसे करते हो..? उसने बताया कि मैं पिछले कई सालों से तुम्हारे पीछे हूँ और मुझे तुम्हारी आंखें और बाल बहुत अच्छे लगते हैं मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूंँ…

उस जिन्नात लड़के ने आगे बढ़कर अनम को एक सोने का लॉकेट पकड़ाया और कहा : अनम ! मैं सिर्फ तुमसे दोस्ती करना चाहता हूंँ ये सोने का लॉकेट लो और जब भी तुम्हें मेरी जरूरत हो तो इस लॉकेट को अपने हाथों पर रगड़ना मैं उसी वक्त तुम्हारे पास आ जाऊंगा.. इतना कहकर वो जिन्नात लड़का अचानक कहीं गायब हो गया…

ये सब देखकर अनम के तो होश उड़ गए_ वो हैरान- परेशान उसी जगह खड़ी थी और फिर थोड़ी देर के बाद अपने कैम्प वापस आ गई…

सुबह अनम की आंख सना के चीखने से खुली_ सना कैम्प के बाहर खड़ी बहुत तेज तेज रो रही थी_ सारे लोग जल्दी से उसके पास पहुंचे और उससे पूछने लगे कि क्या हुआ..? तो उसने एक पेड़ की तरफ इशारा करते हुए कहा : उधर पेड़ के पीछे फैसल की लाश पड़ी है किसी ने उसे बड़ी बेरहमी से मार डाला है…

यह सुनकर तो सभी के होश उड़ गए, सब जल्दी से उस पेड़ के पास पहुंचे तो वहांँ तो कुछ भी नहीं था_ लेकिन हर तरफ खून फैला हुआ था उस खून के निशान सामने तालाब की तरफ गए हुए थे इसका साफ मतलब था कि कोई फैसल को मारकर उसे घसीटता हुआ तालाब की तरफ ले गया है_ तालाब का पानी भी लाल हो रहा था…

ये सारे दोस्त उस तालाब के पास खड़े रो रहे थें कि तभी उन्हें अपने पीछे किसी चीज के बहुत तेज गिरने की आवाज सुनाई दी, उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो फैसल की लाश उनके सामने पड़ी हुई थी ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसकी लाश को बहुत ऊपर से नीचे जमीन पर फेंका हो_ लाश की हालत बहुत बुरी हो रही थी, किसी ने उसका गोश्त नोच नोच कर खाया था….

अनम को रात वाला वही जिन्नात लड़का याद आ गया और वो जल्दी से अपने कैंम्प में आई और अपना लाकेट गले से उतारकर उसे हाथों पर रगड़ने लगी तभी अचानक वहांँ वो जिन्नात लड़का हाजिर हो गया, वो उसी तरह अनम को देखकर मुस्कुरा रहा था…

उस जिन्नात लड़के ने जब अनम को रोता हुआ देखा तो पूछा : ” क्या हुआ अनम, तुम इतना परेशान क्यों हो…?” अनम ने उसे सबकुछ बता दिया और उसके सामने हाथ जोड़कर कहा कि हम लोगों की मदद करो.. ये सारी बातें सुनकर वो जिन्नात लड़का कहने लगा कि मैं इस बारे में बहुत अच्छी तरह जानता हूं_ ये सब उसी भयानक आत्मा ने किया है, इस जंगल में जो भी आता है वो भयानक आत्मा उसे तड़पा तड़पा कर मार डालती है_ अब उस आत्मा की नजर तुम सारे दोस्तों पर पड़ चुकी है, वो तुम में से किसी को नहीं छोड़ेगी…

अनम ने डरते हुए पूछा : कौन सी आत्मा, उसकी हमसे क्या दुश्मनी है…? उस जिन्नात ने बताया कि कुछ साल पहले यहांँ पास के होटल में एक लड़की रात में आकर रुकी थी, वो बहुत खूबसूरत थी_ होटल के मालिक की उस पर नजर पड़ गई थी और उसने रात में कमरे में घुसकर उसके साथ बदतमीजी की थी, जब उस लड़की ने लोगों को बताना चाहा तो होटल के मालिक ने उसकी गर्दन काटकर इसी जंगल में उसे फेंक दिया था…

” अगले ही दिन होटल के मालिक को किसी ने उसी तरह गर्दन काटकर इस तालाब के पास लाकर डाल दिया था, ये सब करने वाली उसी लड़की की आत्मा थी, उस आत्मा के अंदर नफरत की एक आग जल रही है उसकी आत्मा इसी जंगल में भटका करती है और जो भी इस जंगल में आता है वो उसे उसी तरह गर्दन काटकर इसी तालाब में डाल देती है…

उस जिन्नात लड़के ने कहा : लेकिन अनम तुम परेशान ना हो मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा.. अनम ने कहा : जीशान ! मैं खुद को बचाकर अपने दोस्तों को मरता हुआ नहीं छोड़ सकती.. जीशान ने जवाब दिया : अनम ! अगर तुम अपने दोस्तों को भी बचाना चाहती हो तो उसके लिए तुम्हें एक काम करना होगा..!

अनम ने कहा : मैं अपने दोस्तों की खातिर सबकुछ करने को तैयार हूंँ बस तुम हमें उस आत्मा से बचने का तरीका बताओ..! जीशान ने कहा : मैं शाम को आऊंगा और फिर तुम्हें वो तरीका बताऊंगा.. इतना कहकर वो गायब हो गया…

लेकिन शाम होने से पहले पहले उस आत्मा ने अपना अगला शिकार ” करन ” को बना लिया था, सना कमरे में दौड़ती हुई आई और रोते हुए कहने लगी : अनम ! बाहर एक बहुत डरावनी औरत खड़ी है उसने करन को अपने हाथों में दबोच रखा है और चाकू से करन का गला काट रही है.. ये सुनकर मेरे तो होश उड़ गएं, मैं बाहर दौड़ती हुई गई तो देखा_ वो आत्मा करन के बाल पकड़कर उसे घसीटती हुई तालाब की तरफ ले जा रही है_ करन की गर्दन कटी हुई थी और उसकी गर्दन से खून फव्वारे की तरह निकल रहा था, करन उसके हाथों में तड़प रहा था और हम अपने दोस्त के लिए कुछ भी नहीं कर पा रहे थें…

ये डरावना मंजर देखकर मेरी तो चीखें निकल पड़ी और मैं बहुत जोर जोर से रोने लगी, क्योंकि हमारे दो दोस्त उस चुड़ैल का शिकार बन चुके थें और अब हम सिर्फ तीन दोस्त ही बचे थें_ हम एक दूसरे से गले मिल मिलकर बहुत रो रहे थें…

शाम को जीशान अनम के पास आया और उसने अनम से इशारा करते हुए जंगल की तरफ आने को कहा, अनम उसके पीछे-पीछे जंगल की तरफ चलती हुई जा रही थी.. जंगल में एक जगह पहुंचकर जीशान ने एक गोल घेरा खींचा और अनम को एक पानी की बोतल देते हुए कहा : अनम ! तुम्हें इस गोल घेरे में बैठकर कुछ चीजें पढ़नी है ये काम तुम्हें पूरे पांच घंटे तक करना है उससे पहले तुम्हें इस घेरे से बाहर नहीं आना है वरना वो चुड़ैल तुम्हारे साथ तुम्हारे दोस्तों को भी मार डालेगी…

अनम उस घेरे में बैठ गई, वो बहुत डर रही थी लेकिन उस जिन्नात लड़के ने कहा : अनम डरो मत मैं तुम्हारे पास ही रहूंगा, लेकिन इतनी देर तक मैं तुम्हें नजर नहीं आऊंगा… रात का अंधेरा फैल चुका था, अनम अकेली उस जंगल में बैठी वो चीज़ें पढ़ रही थी…

अचानक अनम को दूर से वही डरावनी आत्मा आती हुई नजर आई, अनम के पास पहुंचते ही उसने एक गरजदार आवाज में कहा : तुम इस घेरे से बाहर निकल आओ वरना मैं तुम्हें बहुत दर्दनाक मौत दूंगी.. उस आत्मा के हाथों में एक धारदार चाकू था जिससे खून टपक रहा था_ वो बहुत भयानक शक्ल की थी_ उसकी आंखों की जगह सिर्फ गढ़े बने हुए थे और वो धीरे-धीरे गुस्से में कदम बढ़ाते हुए अनम की तरफ आ रही थी…

ये सब देखकर अनम बहुत ज्यादा डर गई और वहांँ से भागने के लिए उठी लेकिन तभी उसके कानों में ज़ीशान की आवाज पड़ी कि अनम ! अपनी जगह से मत उठना वरना ये आत्मा तुम्हें मार डालेगी_ मैं तुम्हारे पास ही हूं ये आत्मा तुम्हें कुछ नुकसान नहीं पहुंचा सकती_ बस तुम अपने काम में लगी रहो… जीशान की ये बातें सुनकर मेरा दिल मजबूत हो गया और मैं उन चीजों को पढ़ती रही….

तभी मैंने देखा कि अचानक सारे जंगल में खून की बारिश होने लगी है, हर तरफ खून ही खून फैला हुआ था, वो बहुत डरावना मंजर था_ डर के मारे मेरी रूह तक कांपने लगी लेकिन मैंने हिम्मत न हारी और आंख बंद करके पढ़ना जारी रखा…

थोड़ी देर के बाद जब मैंने आंखें खोली तो देखा कि मेरे सामने एक बहुत ही खूंखार जानवर खड़ा था उसके मुंह से खून टपक रहा था और वो मेरी तरफ चलता हुआ आ रहा था, उसकी खूंखार आंखों से ऐसा लग रहा था जैसे वो एक झटके में मुझे खा जाएगा…

जीशान की आवाज बराबर मेरे कानों में पड़ रही थी कि अनम डरना नहीं ये सब कुछ खत्म हो जाएगा तुम अपना काम जारी रखो.. मैंने आंखें बंद कर लीं लेकिन तभी मुझे बहुत जोर जोर की आवाजें आने लगी, मैंने आंख खोलकर देखी तो मेरे होश उड़ गएं_ पूरे जंगल में हर तरफ पत्थरों की बारिश हो रही थी_ लेकिन अजीब बात ये थी कि मेरे इस घेरे के अंदर एक भी पत्थर नहीं आ रहा था…

पांच घंटे पूरे होने वाले थें, वो आत्मा मुझे हर तरह से डराने की कोशिश कर रही थी लेकिन जीशान ने मेरा पूरा साथ दिया और मैंने हिम्मत ना हारकर अपना काम जारी रखा_ तभी मैंने देखा कि वो आत्मा मेरे दोनों दोस्तों को पकड़कर ले आई है और मुझसे कह रही है कि अगर तुम इस घेरे से बाहर ना आई तो मैं तुम्हारे इन दोनों दोस्तों की गर्दन काटकर इन्हें मार डालूंगी…

उसी वक्त जीशान की आवाज मेरे कानों में पड़ी : अनम ! जल्दी से ये बोतल उठाकर उसका पानी इस चुड़ैल पर फेंक दो_ जल्दी करो वरना ये आत्मा तुम्हारे दोस्तों को मार डालेगी… मैने जल्दी से पानी की बोतल खोली और उसका पानी उस चुड़ैल पर फेंक दिया_ पानी पड़ते ही वो चुड़ैल दूर जाकर गिरी और उसका जिस्म एक भयानक आग की लपट में आकर जलने लगा…

तभी मेरे कानों में फिर से जीशान की आवाज पड़ी_ वो कह रहा था : अनम ! तुम सब लोग जल्दी से इस जंगल से बाहर निकलो इस सारे जंगल में आग लगने वाली है तुम सब लोग जलकर खत्म हो जाओगे.. हम तीनों दोस्त बहुत तेजी से जंगल के बाहर की तरफ भाग रहे थें, अभी हम जंगल के बाहर निकलकर सड़क पर पहुंचे ही थें कि अचानक पूरे जंगल में भयानक आग लग गई जैसे किसी ने जंगल पर बम फेंक दिया हो.. हम तीनो दोस्त सड़क पर बैठे हो रहे थे_ फैसल और करन की मौत का हमें बहुत ज्यादा ग़म था…

हम सब ने जीशान का शुक्रिया अदा किया कि उसने हमें इतनी बड़ी मुसीबत से बचा लिया है और फिर अपने घर की तरफ चल दिएं…

आज इस बात को गुजरे कई साल हो चुके हैं, जीशान मुझसे रोज रात में मिलने आता है, हम आज भी करन और फैसल को बहुत ज्यादा याद करते हैं….

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