मुहब्बत की एक अधूरी कहानी ☠️| Hindi horror story

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Hindi horror story

  रात के वही कुछ 11:15 बज रहे थे सर्दियों का मौसम था मैं अपने कमरे में बैठा एक किताब पढ़ रहा था कि अचानक मुझे गली में बहुत से कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी, ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वो किसी को देखकर भौंक रहे हों, मैं उठा खिड़की का पर्दा हटाकर गली में झांका तो वहां कोई इंसान काली चादर ओढ़े उन कुत्तों को भगा रहा था..

उसके हाथ में एक थैला था मैं खड़ा यह मंजर देखता रहा, मैंने सोचा ये कोई मर्द होगा जो अपने किसी जरूरी काम से जा रहा होगा_ अचानक उसके हाथ से वह थैला छूट गया_ उसका सारा सामान रास्ते पर बिखर गया, वह सामान देखकर मैं तो हक्का-बक्का रह गया, क्योंकि वो सारा का सारा जादू टोने का सामान था_ कुछ नींबू, मिर्ची, कुछ कपड़ों की बनी हुई गुड़िया और साथ में कुछ सुइयों के डिब्बे…

वो इंसान जल्दी-जल्दी जमीन पर पड़ा अपना सामान बटोरने लगा, तभी अचानक एक गाड़ी की रोशनी में मैंने जब उसके चेहरे को देखा वह कोई 23-24 साल की खूबसूरत लड़की थी.. यह देख कर मेरी तो हैरानी की इंतिहां ना रही..

उस लड़की ने जल्दी-जल्दी अपना सामान बटोरा और फिर रात के अंधेरे में कहीं गायब हो गई ; मैंने सोचा कि मुझे इस लड़की के पीछे जाना चाहिए क्योंकि हो सकता है वह जादू टोने के जरिए किसी का बुरा करने जा रही हो_ मैंने जल्दी से अपनी चादर ओढ़ी और चुपके से घर से निकल गया…

मैं जानता था कि वह यह जादू टोने का सामान लेकर कब्रिस्तान ही की तरफ जाएगी, क्योंकि सारा जादू टोना कब्रिस्तान ही में बैठकर किया जाता है, मैं धीरे-धीरे कब्रिस्तान की तरह बढ़ता जा रहा था दो-तीन गलियां छोड़ कर आगे कब्रिस्तान था, मैं कब्रिस्तान के अंदर पहुंच चुका था लेकिन यहां तो हर तरफ सन्नाटा था_ चलते-चलते मैं बीच कब्रिस्तान में पहुंच गया, सियार और कुत्तों के भौंकने की आवाजें आ रही थी लेकिन वहां तो कोई भी नजर नहीं आ रहा था हर तरफ खामोशी ही खामोशी थी बहुत देर ढूंढने के बाद भी मुझे उस लड़की का कोई सुराग नहीं मिला..

मैंने सोचा कि किसी ऊंचे पेड़ पर चढ़ जाता हूं और फिर वहां से उस लड़की को ढूंढता हूं, हमारे बड़े-बूढ़े रात में पेड़ों के पास जाने से मना करते हैं और मैं तो कब्रिस्तान में किसी बड़े पेड़ पर चढ़ने जा रहा था_ यह मेरे लिए एक खतरे का काम भी हो सकता था लेकिन मैंने अपनी हिम्मत जुटाई और कब्रिस्तान के बीच एक बड़े पेड़ पर चढ़ने लगा, पेड़ पर बैठकर मैं कब्रिस्तान में हर तरफ देखने लगा हर तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा था…

अचानक मेरी नजर कब्रिस्तान के बिल्कुल आखिर में एक कब्र पर जाकर रुक गई_ मुझे वहां कोई नजर आ रहा था_ उधर से कुछ आवाजें सी आ रही थीं, मैं जल्दी से नीचे उतरा और उस तरफ चल दिया, मैं जैसे-जैसे करीब जा रहा था मुझे वह आवाज तेज होती महसूस हो रही थी जैसे कोई बैठा रो रहा हो, पास पहुंच कर मैंने देखा वही नौजवान लड़की एक कब्र पर लेटी बहुत जोर जोर से रो रही थी..

मुझे करीब आता देख वह लड़की खामोश होकर बैठ गई मैंने पास पहुंचकर उससे पूछा : बेटी ! यह तुमने क्या हालत बना रखी है_ तुम कौन हो और ये किसकी कबर है जिसे पकड़कर तुम रो रही हो…? उसने जवाब दिया : “आप यहां से चले जाएं_ मुझे किसी की जरूरत नहीं है_ मैं मरना चाहती हूं…

मैंने पास पहुंचकर उसके सर पर हाथ फेरा और कहा : बेटी ! ऐसा नहीं कहते_ मुझे बताओ ! तुम्हारे पर क्या मुसीबत पड़ी है? हो सकता है मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकूं.. उसने फिर उसी कड़क आवाज में जवाब दिया ; ” मेरी मदद कोई नहीं कर सकता मेरा सब कुछ लुट चुका है… वो बहुत तेज तेज रो रही थी..

मैंने उसे दिलासा देते हुए फिर से उससे पूछा कि मुझे बताओ तो सहीहो सकता है मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकूं मैं तुम्हारे बाप की तरह हूं.. बहुत कहने के बाद उसने बताना शुरू किया…

” मैं साहिल से बहुत मोहब्बत करती हूं उसके बगैर जिंदा नहीं रह सकती_ मेरे मां-बाप की मौत 10 साल पहले हो चुकी है मैं अपने चाचा के पास रहती हूं, मेरे चाचा मुझसे बहुत नफरत करते हैं वह मुझे बहुत परेशान करते हैं_ मेरे चाचा साहिल के साथ मेरे रिश्ते को पसंद नहीं करते हैं.. साहिल के घर वाले भी साहिल को मुझसे मिलने से रोका करते हैं, लेकिन मेरा साहिल मुझसे बहुत मुहब्बत करता है..

एक दिन जब चुपके से साहिल मुझसे मेरे घर में मिलने आया तो अचानक तभी चाचा आ गए, उन्होंने मुझे साहिल के साथ देखा तो बहुत ज्यादा गुस्सा हो गए और साहिल को मारना शुरू कर दिया_ मुझे भी 2-3 तमाचे मारे और घसीट कर मुझे एक कमरे में बंद कर दिया, 15 दिनों तक मैं उसी कमरे में बन्द रही..

एक दिन रात में मौका पाकर मैं चुपके से घर से निकल गई और एक जादूगर बंगाली बाबा के पास जा पहुंची, मैंने उनको अपनी सारी कहानी बताई तो उन्होंने कहा : बेटी ! तुम जादू टोने के जरिए अपने साहिल को पा तो सकती हो लेकिन इस काम को करने में तुम्हारी जान भी जा सकती है,
मैंने कहा कि मैं अपने साहिल को पाने के लिए कुछ भी कर सकती हूं.. उन्होंने मुझे कुछ संस्कृत के श्लोक लिख कर दिए और कुछ जादू टोने का सामान दिया और कहा कि अपने घर के किसी कमरे में रात के 12:00 बजे से यह जादू टोने का काम तुमको शुरू करना है यह काम तुमको 3 दिन तक करना है_ 3 दिन के बाद तुम अपने साहिल को पा लोगी…

वह चीजें लेकर मैं घर वापस आ गई मैं बहुत खुश थी, अगले दिन सुबह चाचा ने कमरा खोला तो मैं कमरे के अंदर लेटी हुई थी, चाचा ने मुझे बाहर निकाला और कहा कि मैं एक हफ्ते के लिए अपने किसी जरूरी काम से जा रहा हूं खबरदार ! अगर इस घर में साहिल आया तो मैं तुम्हें और साहिल दोनों को गोली मार दूंगा…!

मैं खामोश बैठे चाचा की बातें सुन रही थी, इतना कहकर चाचा चले गए और घर में बिल्कुल सन्नाटा हो गया, मैं बहुत खुश थी क्योंकि चाचा के जाने से मेरा काम और ज्यादा आसान हो गया था ; मैं रात का इंतजार करने लगी.. रात के वहीं कुछ 11:30 बज रहे थे जब मैं अपना जादू टोने का सामान लेकर तीसरी मंजिल पर बने स्टोर रूम की तरफ जा रही थी, स्टोर रूम में बिल्कुल सन्नाटा रहता था वहां कोई भी आता जाता नहीं था, मैं चलते-चलते स्टोर रूम के अंदर पहुंच गई, वहां बहुत ज्यादा अंधेरा था….

मैंने कोयले से एक गोल घेरा बनाया और उसमें बीच में बैठ गई, सामने अपने तीन मोमबत्तियां जलाई और उनके बीच में वह कपड़ों की बनी गुड़िया खड़ी कर दी, मेरे दाएं हाथ में सुइयों की एक डिब्बी थी जो मुझे बारी-बारी से श्लोक पढ़ने के बाद इन गुड़ियों में चुभोना थीं.. ये पूरे 2 घंटे का काम था मैंने आंखें बंद कर ली और संस्कृत के श्लोक पढ़ना शुरू कर दिए..

थोड़ी देर के बाद अचानक मुझे कमरे में अजीब अजीब सी आवाजें आने लगी, मैंने डरते हुए धीरे धीरे आंखें खोली तो मेरा दिल धक से हो गया_ मेरा जिस्म कांपने लगा_ क्योंकि कमरे के एक कोने में कोई बूढ़ी औरत सफेद चादर ओढ़े बैठी हुई मुझे बहुत घूर घूर के देख रही थी उसकी लाल लाल डरावनी आंखें अंधेरे में चमक रही थीं_ उसके मुंह से आग टपक रही थी_ उसके बाल बिलकुल सीधे खड़े थे_ उसके नाखून ऐसे थे जैसे किसी खूनी जानवर के नाखून हों…

उसे देख कर मैं सहम सा गई, लेकिन मैंने अपना अमल जारी रखा और अपनी आंख बंद कर ली.. किसी तरह वह 2 घंटे गुजरे और मैं जल्दी से नीचे अपने बेडरूम आ गई, मेरे पूरे जिस्म में दर्द हो रहा था.. कब मुझे नींद आ गई मुझे कोई खबर नहीं.. सुबह जब मेरी आंख खुली तो मेरे पेट में दर्द सा हो रहा था, मैंने पेट पर हाथ फेरा तो अजीब सी चिपचिपाती हुई चीज मेरे हाथों पर लगी, मैंने घबराकर कपड़ा अपने ऊपर से हटाया और पेट खोलकर देखा तो जैसे मेरी सांसें रुक गई हों..

किसी बिल्ली के नोचने के निशान मेरे पेट पर पड़े हुए थे, मैं यह सब देखकर बहुत डर गई_ ये निशान मेरे पेट पर कैसे पड़े_ रात में मेरे साथ तो कुछ ऐसा नहीं हुआ था.. मैं आईने के सामने खड़ी वो निशान देख रही थी.. अचानक मुझे आईने में मेरी ही शक्ल उसी रात वाली डरावनी बुढ़िया की शक्ल में बदलते नजर आई_ कुछ ही सेकंडों में आईने में मुझे वही डरावनी बढ़िया नजर आने लगी.. मैं डर कर नीचे की तरफ भागी मुझे अपने पीछे से बहुत डरावनी डरावनी आवाजें आ रही थी..

पूरे घर में सन्नाटा फैला हुआ था ऊपर मेरे बेडरूम से अभी भी अजीब अजीब आवाजें आ रही थी जो पूरे घर में गूंज रही थी.. थोड़ी देर के बाद वो आवाजें आना बंद हो गई और घर में हर तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा था, मैंने जल्दी से हाथ मुंह धोए और तैयार होकर पास ही के एक पार्क में जा बैठी..

मैं शाम तक उसी पार्क में बैठी रही घर जाने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी रात का वक्त होने वाला था_ मुझे अपना जादू का काम भी पूरा करना था, साहिल की मोहब्बत मेरे दिमाग पर ऐसी सवार थी कि मुझे हर मुश्किल आसान नजर आती थी.. मैंने हिम्मत जुटाई और घर की तरफ चल दी..

घर का दरवाजा खोला और किचन में जाकर खाना तैयार करने लगी, खाना खाकर मैं अपनी बैडरूम आ गई_ वहां बिल्कुल सन्नाटा था, अपने बेड पर बैठ कर रात के 12:00 बजने का इंतजार करने लगी.. रात के वही कुछ 11:15 बज रहे थे कि मैं अपना वही जादू टोने का सामान लेकर ऊपर स्टोर रूम की तरफ जा रही थी कि अचानक मुझे अपने पीछे किसी बिल्ली के बोलने की आवाज सुनाई दी_ मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो वहां तो कोई भी नहीं था, मैं आगे बढ़ती गई और स्टोर रूम पहुंचकर गोल घेरा खींचा और उसके बीच में बैठकर तीन मोमबत्तियां जलाई_ गुड़िया खड़ी की और अपना काम शुरु कर दिया…

थोड़ी देर के बाद मैंने सुइयां उन गुड़ियों में चुभोना शुरू कर दी, अब बारी उन चार अंडों की थी जिन पर अपने ही खून से संस्कृत के श्लोक लिखना था, मैंने ब्लेड से अपना हाथ काटा और खून से उस पर लिखना शुरू कर दिया, चौथा अंडा जैसे ही मैंने उठाया वह अचानक मेरे हाथों से छूट गया और जमीन पर गिरते ही टूट गया..

अचानक उसी दम ऐसा लगा जैसे किसी ने उन मोमबत्तियों को फूंक मारकर बुझा दिया हो_ कमरे में बिल्कुल अंधेरा हो गया, मैंने अंदाजे से माचिस ढूंढी और उन मोमबत्तियों को जलाया, एकदम मुझे महसूस हुआ कि किसी जानवर के पंजे पीछे से मेरे बालों में घुसते चले जा रहे हो, मैंने चेहरा मोड़कर देखने की कोशिश की लेकिन मेरा चेहरा ना मुड़ सका जैसे किसी ने उसे पीछे से जकड़ रखा हो, मुझे महसूस हो रहा था जैसे कोई मेरे पीछे खड़ा है उसकी तेज तेज सांसे लेने की आवाज मुझे अच्छे से सुनाई दे रही थी..

शायद ये किसी बिल्ली के पंजे थे जो मुझे अपने जिस्म पर रगड़ते हुए महसूस हो रहे थे, अचानक कमरे में किसी बिल्ली के बोलने की आवाज गूंजने लगी_ वो आवाज कमरे में हर तरफ से आ रही थी_ मेरा डर के मारे बुरा हाल हो रहा था_ मेरी नजर दरवाजे पर पड़ी तो देखा कि दरवाजा धीरे-धीरे खुल रहा है_ देखते ही देखते वही बूढ़ी औरत दरवाजे से कमरे के अंदर आती है, वह अपने नुकीले नाखूनों से अपनी गर्दन की तरफ इशारा करके मुझसे कह रही थी कि तुमको आज मरना है..

मैं घर के दरवाजे की तरफ भागी_ अभी मैं दरवाजे तक पहुंची ही थी कि किसी ने पीछे से मेरे बाल पकड़कर तेजी से मुझे कमरे में पटक दिया है, डर के मारे मेरी आंखें बंद हो चुकी थी मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई मेरे सीने पर बैठा है और मेरे हाथों को जकड़ रखा है, मैं अपनी एड़ियां जमीन पर रगड़ रही थी और खुद को उस डरावनी बला से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी_ लेकिन तभी मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे सर की तरफ से कोई बहुत बड़ी बिल्ली ने आकर मेरे सर को अपने पंजों से दबा दिया है..

मेरा चेहरा दीवार की तरफ था_ उन पंजों ने मेरा चेहरा ऐसा दबा रखा था कि मेरा मुंह खुला था और मेरी जुबान जमीन को लग रही थी, मैंने बहुत छुड़ाने की कोशिश की लेकिन उन चीजों की पकड़ बहुत मजबूत थी, देखते-देखते मेरी नजर उस कोयले के गोल घेरे की तरफ पड़ी उसमें से बहुत से जहरीले कीड़े निकलते नजर आ रहे थे जो कि धीरे-धीरे मेरी तरफ बढ़ रहे थें..

मैंने डर कर आंखें बंद कर ली लेकिन तभी मुझे महसूस हुआ कि वो कीड़े मेरे मुंह तक पहुंच चुके हैं और मेरे मुंह में घुसते जा रहे हैं_ और मेरी नाक के रास्ते से मेरे दिमाग तक पहुंच चुके हैं, मुझे अपने मुंह में जलन सी महसूस होने लगी_ और वो जलन बढ़ते बढ़ते मेरे सीने तक पहुंच चुकी थी_ इसका साफ मतलब था कि वो कीड़े मेरे मुंह के रास्ते से मेरे सीने तक पहुंच चुके थे.. मुझे सिर्फ अपनी मौत नजर आ रही थी…

तभी अचानक कमरे का दरवाजा खुला और साहिल कमरे के अंदर दाखिल हुआ_ वो पता नहीं कब घर की दीवार फांदकर मुझसे मिलने आ गया था, उसने मेरी ये हालत देखी तो उन डरावनी चीजों को बहुत तेजी से धक्का दिया, मैं उठ कर बैठ गई लेकिन अब वो सारी डरावनी चीजे मुझे छोड़कर साहिल पर टूट पड़ी थीं_ मैंने देखा उस बूढ़ी औरत ने साहिल को पीछे से पकड़ रखा है उसके हाथ में एक छुरा था_ देखते ही देखते उस औरत ने मेरी आंखों के सामने मेरे साहिल की गर्दन काट दी_ साहिल को मारकर वह सारी डरावनी चीजें खुद-ब-खुद कमरे से गायब हो गई..

मैं अपने साहिल को पकड़ कर बैठी रो रही थी_ चीख चीख कर उससे कह रही थी कि तुम यहां क्यों आ गए थे मुझे बचाने_ मैं तुम्हारे लिए ही तो सब कुछ कर रही थी_ तुमको नहीं आना चाहिए था साहिल… मैं साहिल से लिपट कर रो रही थी वह मुझसे कुछ कहना चाह रहा था लेकिन उसकी गर्दन से खून फव्वारे की तरह बह रहा था_ देखते ही देखते मेरी गोद ही में साहिल ने दम तोड़ दिया..

इतना बता कर वह लड़की खामोश हो गई_ कब्रिस्तान में हर तरफ सन्नाटा फैला हुआ था ; मैं खामोशी से उसकी बातें सुन रहा था, सिसकती आवाज के साथ आंसू पूछते हुए उसने उसी कब्र की तरफ इशारा करते हुए कहा :-

ये मेरे साहिल की कबर है_ वो मुझे अकेला छोड़कर चला गया.…

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