कश्मीर घाटी और हसीन जिन्न लड़की ☠️ | Hindi horror story

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  ये मेरा कश्मीर की तरफ पहला सफर था मैं एक जरूरी काम से कश्मीर आया हुआ था_ हमारी बस मुजफ्फरपुर से गुजरते हुए शीशनाग घाटी की तरफ बढ़ रही थी_ यह कश्मीर की सबसे खूबसूरत घाटी समझी जाती है, शाम तक हम शीशनाग पहुंच गए, शाम का खूबसूरत मंजर, हरी हरी वादियां, खूबसूरती में चार चांद लगा रही थी…

दो दिनों में मैंने वहांँ अपना काम पूरा किया और फिर तीसरे दिन पहाड़ों की तरफ टहलने निकल गया, शाम का सुहाना मंजर बहुत खूबसूरत लग रहा था, मैं अकेला झील वाले रास्ते की तरफ जा रहा था, अचानक मुझे दूर से किसी लड़की की गाने की आवाज सुनाई दी_ वो बहुत सुरीली आवाज में गा रही थी, मैं उस आवाज की तरफ खिंचा जा रहा था..

थोड़ी दूर चलने के बाद मैंने देखा सामने झरने के पास एक लड़की पत्थर पर बैठी कुछ गा रही है, उसकी आवाज बहुत ज्यादा अच्छी थी मैं चलता हुआ उसके पास पहुंच गया_ मेरी आहट पाकर वो पीछे मुडी़ तो मेरा दिल धक से हो गया.. क्योंकि वो लड़की नहीं कोई आसमान से उतरी परी लग रही थी_ वो बहुत ज्यादा खूबसूरत थी, मैंने अपनी जिंदगी में इतनी खूबसूरत लड़की नहीं देखी थी_ उसके गुलाबी होंठ_ नीली नीली आंखें और हवा में उड़ते काले- काले बालों ने मुझे मजबूर कर दिया था कि मैं उसे बराबर देखता रहूंँ…

” आपको क्या चाहिए..?” वो बराबर पूछे जा रही थी लेकिन मैं उसकी नीली नीली जादुई आंखों में ऐसा खो गया था कि मुझे उसकी आवाज भी सुनाई नहीं दे रही थी, अचानक उसने मेरी आंखों के सामने अपना हाथ फिरते हुए का कहा : ” कहांँ खो गए हो मिस्टर..! “

“क..कुछ नहीं मैं ठीक हूंँ, वैसे ही मैं इधर टहलने आया था वापस अपने रूम की तरफ जा रहा हूंँ.. ” मैंने उसको हकलाते हुए जवाब दिया तो उसने आगे से कहा : “इतनी रात हो गई है अंधेरा होने वाला है अब वापस जाना आपके लिए बहुत खतरे की बात हो सकती है_ यहांँ भेड़िया बहुत हैं आप को नुकसान पहुंचा सकते हैं_ अगर आप चाहें तो आज रात मेरे घर में गुजार सकते हैं, मेरा घर करीब ही में है…

मैंने कहा आपका बहुत बड़ा एहसान होगा अगर आप मुझे अपने घर में जगह दें.. पहली ही मुलाकात में मैं उसकी खूबसूरती का दीवाना हो चुका था, वो मुझे लेकर अपने घर की तरफ चल दी ; थोड़ी देर हम दोनों खामोश रहें और फिर अचानक उसने पूछा : “आप कहां से आए हैं..? मैंने बताया : ” मैं लखनऊ का रहने वाला हूंँ_ यहाँ एक जरूरी काम से आया था और आपसे मुलाकात हो गई…

” मुझे तो लगता है कि जितना खूबसूरत कश्मीर है उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत तो आप हैं_ आपसे ज्यादा खूबसूरत मैंने किसी को नहीं देखा..” मेरी बातें सुनकर ओ मुस्कुराकर कहने लगी : ” अच्छा आप मजाक भी कर लेते हैं..? ” मैंने कहा : “मैं मजाक नहीं कर रहा हूंँ आप हकीकत में बहुत ज्यादा खूबसूरत हो..” उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया : ” अच्छा ..”

हम उसके घर पहुंच चुके थें_ वहांँ हर तरफ सन्नाटा फैला हुआ था ये एक छोटा सा घर था जो पहाड़ी के ऊपर बना हुआ था.. अंधेरा हो चुका था घर पहुंचते ही उसने मोमबत्ती जलाई और कहने लगी आप बैठो मैं आपके लिए कुछ खाने को लाती हूंँ इतना कहकर वो अंदर चली गई…

थोड़ी देर के बाद वो कई तरह के मजेदार पकवान लेकर बाहर आई_ एक प्लेट में बिरयानी थी तो दूसरी में पनीर की सब्जी_ एक प्लेट में तले हुए अखरोट थे जिन्हें बादाम के साथ खाया जाता था _साथ में एक गिलास दूध भी था.. ये सब देखकर मैं बहुत हैरान हुआ कि यहांँ पहाड़ी इलाके में ऐसे मजेदार पकवान मिलना बहुत मुश्किल है तो फिर ये सब कहांँ से आएं..

उसने अपनी सुरीली आवाज में कहा..” खाइए..” मैंने खाना शुरु कर दिया, मोमबत्ती की रोशनी में उसका चेहरा इतना हसीन लग रहा था जैसे कोई खिलता हुआ गुलाब हो, उसकी आंखों में एक जादू था जो मुझे बराबर उसकी तरफ खींचे जा रहा था…

खाना खाते हुए मैंने उससे पूछा : “तुम्हारी फैमिली वाले कहांँ हैं..? उसने उदास सा चेहरा बनाते हुए कहा : ” मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है मैं अकेली रहती हूंँ…” ये सुनकर मैं तो चौंक गया और पूछने लगा : ” तुम यहांँ पहाड़ी इलाके में अकेली रहती हो…?” उसने कहा : “जी हांँ..” मैं बड़ा हैरान था कि इस कदर खूबसूरत लड़की अकेले सुनसान इलाके में कैसे रह सकती है…?

कमरे में एक तरफ बिस्तर लगाते हुए उसने कहा : ” आप यहांँ पर सो जाएं.. और फिर थोड़ी दूर पर वो भी अपना बिस्तर लगाकर लेट गई.. थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी तरफ चेहरा घुमाया तो देखा कि उसकी नीली- नीली जादुई आंखें ऊपर छत को देख रही थीं, कमरे में सिर्फ एक मोमबत्ती जल रही थी उसके खूबसूरत चेहरे पर कुछ परेशानी सी नजर आ रही थी जैसे वो बहुत गहरी सोच में डूबी हो..

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” उठिये.. सुबह के 10:00 बज रहे हैं..” उसके मखमल जैसे नरम नरम हाथ मेरे गालों को छू रहे थें, मैं उठकर बैठ गया, उसने मुस्कुराते हुए कहा : ” लगता है आप नींद के बहुत बड़े आशिक हैं..” वो मैं थका हुआ था इसलिए सो गया.. मैंने जवाब देते हुए अपने ऊपर से कम्बल हटाया..

हाथ मुंह धोने के बाद जब मैं फ्रेश होकर वापस आया तो देखा फिर से बहुत अच्छे-अच्छे पकवान मेरे सामने रखे हुए थें, मैं बड़ा हैरान था कि आखिर ये पकवान कहांँ से आ रहे हैं..? उसने मेरी तरफ पकौड़े बढ़ाते हुए कहा : ये लीजिए नाश्ता करिए मैं भी आपकी वजह से अभी तक भूखी हूंँ.. मैंने हैरानी से उसका चेहरा देखा और फिर खाना शुरु कर दिया..

दोपहर 2:00 बजे मेरी लखनऊ की फ्लाइट थी इसलिए मुझे जल्दी तैयारी करके वापस भी जाना था, मैंने उठते हुए उससे कहा : “आपका बहुत-बहुत शुक्रिया आपने मेरा इतना साथ दिया मैं आपको हमेशा याद रखूंगा मुझे अब वापस जाना है क्योंकि 2:00 बजे मेरी लखनऊ की फ्लाइट है.. मैंने देखा कि मेरे जाने का नाम सुनकर उसकी आंखों में आंसू से भर आए थें, लेकिन उसने आंखें चुराते हुए मुझसे कहा : जी जरुर, अब आप चले जाएं वरना आपको देर हो जाएगी.…

वो दरवाजे के पास खड़ी मुझे देखे जा रही थी, सूरज की रोशनी में उसका चमकता हुआ खूबसूरत चेहरा मेरे दिल में उतरा जा रहा था, उसकी आंखें ऐसे हसरत भरी निगाहों से मुझे देख रही थीं जैसे मुझसे कुछ कहना चाह रही हों_ शायद वो मुझे रोकना चाहती थी लेकिन वो हिम्मत नहीं कर पा रही थी, मैं अपनी मंजिल की ओर बढ़ने लगा तभी अचानक मुझे कुछ याद आया और मैंने पीछे मुड़कर उससे पूछा…

..” अरे मैंने अभी तक तुम्हारा नाम भी नहीं पूछा_ तुम्हारा नाम क्या है..? उसने चेहरे पर मुस्कुराहट लाते हुए जवाब दिया…

….शाहीन….

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दोपहर के 1:00 बज रहे थें मैं एयरपोर्ट पर बैठा अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहा था, मुझे शाहीन की बहुत याद सता रही थी_ मेरे बढ़ते कदम रुकते जा रहे थें मैं चाह कर भी खुद को वापस जाने पर राजी नहीं कर पा रहा था, मेरा दिल चाह रहा था कि मैं सब छोड़कर उसके पास लौट जाऊं और उसे अपनी बाहों में बसा लूं, मैं उससे बहुत ज्यादा मोहब्बत करने लगा था…

आखिर मैंने फैसला कर ही लिया कि मुझे आज की फ्लाइट कैंसिल करके अपनी शाहीन के पास जाना है और उसे अपने दिल की सारी बातें बता देनी है… शाम 5:00 बजे मैं शाहीन के घर के पास पहुंच चुका था_ वहांँ हर तरफ सन्नाटा था, मैंने घर में देखा लेकिन वहांँ तो कोई नहीं था मैं बहुत परेशान हुआ…

तभी मेरी नजर सामने छोटे से बने गार्डन पर पड़ी वहांँ कोई लड़की बैठी हुई थी_ शायद वो शाहीन थी, मैं तेजी से चलता हुआ वहांँ पहुंचा और उसके सामने जाकर खड़ा हो गया_ वो बैठी रो रही थी..

” शाहीन..” मैंने उसे आवाज दी तो वो हड़बड़ा कर सीधे बैठ गई और कहने लगी.. ” आप यहांँ, मैंने समझा आप चले गए होंगे..”

मैंने कहा तुम्हारी मोहब्बत ने मुझे वापस जाने ही नहीं दिया..” वो उठी और मुझसे गले मिलकर बहुत तेज तेज रोने लगी और कहने लगी : ” मैं आपसे बहुत मोहब्बत करने लगी हूंँ_ आप मुझे छोड़कर ना जाइए…”

मैंने कहा : ” शायद मुझे भी तुमसे बहुत ज्यादा मोहब्बत हो गई_ मैं चाह कर भी वापस नहीं जा पा रहा हूं..” रात होने लगी थी, वो मुझे अपने साथ घर ले आई और एक मोमबत्ती जलाकर मेरे सामने बैठ गई… थोड़ी देर के बाद वो उठी और बाहर की तरफ जाने लगी, जाते हुए उसने मुझसे कहा : ” आप यही रहना मैं जल्द ही वापस आती हूंँ..”

एक घंटा बीत चुका था शाहीन अभी तक वापस नहीं आई थी, मैं कमरे में बैठा मोमबत्ती की तरफ देख रहा था और अपने बचपन की हसीन यादों में खोया हुआ था, तभी अचानक कमरे का दरवाजा खुला और एक बूढ़ी औरत दो बच्चों को साथ लिए कमरे के अंदर आई, उन सब के हाथों में मजेदार पकवानों की प्लेटें थीं जिनकी खुशबू पूरे कमरे में फैल रही थी..

उस बूढ़ी औरत ने मुझे बड़ी अजीब नजरों से देखा और कहने लगी : बेटा ! क्यों यहांँ मरने चले आए हो_ भाग जाओ यहां से_ वो लड़की नहीं चुड़ैल है _तुझे मार डालेगी..

इससे पहले कि मैं उससे कुछ पूछता पीछे से शाहीन कमरे में दाखिल हुई और उसने इन लोगों से बड़े तीखे अंदाज में कहा : ” जल्दी से प्लेटें रखो और यहांँ से दफा हो जाओ “.. मैं बड़ा हैरान था कि आखिर वो बूढ़ी औरत मुझसे ऐसी बातें क्यों कह कर गई है..?

अगले दिन सुबह मैं पहाड़ी किनारे वाले रास्ते पर टहल रहा था, तभी एक आदमी साइकिल चलाता हुआ वहांँ से गुजरा और मुझे देखकर कहने लगा : “भाई ! अगर अपनी सलामती चाहते हो तो यहांँ से भाग जाओ वो चुड़ैल तुम्हारा खून पी जाएगी..” मैंने उसे रोकना चाहा लेकिन वह तेजी से साइकिल चलाता हुआ वहांँ से निकल गया.. मैं बड़ा परेशान था कि ये सब क्या हो रहा है_? मेरी शाहीन तो बहुत ज्यादा खूबसूरत है ये लोग उसे चुड़ैल क्यों कह रहे हैं…?

तभी मेरी नजर उस बुढ़िया पर पड़ी जो रात में खाना लेकर आई थी वह फिर से हाथों में कुछ प्लेटें लिए शाहीन के घर की तरफ बढ़ रही थी, मैं तेज कदमों के साथ उसके पास पहुंचा और बीच रास्ते में ही उसे रोककर पूछने लगा.. ” दादी जान ! आपने रात में मुझसे वो बात क्यों कही थी और सुबह से भी कई लोग मुझसे कह चुके हैं कि यहां से भाग जाओ_ आखिर इस घाटी का राज क्या है…?

उस बूढ़ी औरत ने जवाब दिया : बेटे ! तुम मेरे लड़के की तरह हो इसलिए मैं तुमसे कह रही हूं कि यहां रुकना तुम्हारे लिए मुनासिब नहीं है_ वो शाहीन एक चुड़ैल है उसके पास जादुई ताकतें हैं_ वो लोगों का खून पीती है, उसने हमारी बस्ती के कई लड़कों को मार डाला है_ इधर जो भी मुसाफिर आता है वो उसे अपना शिकार बनाती है, उसकी खूबसूरती पर मत जाना वो सिर्फ एक धोखा है.. इतना कहकर वो बुढ़िया आगे बढ़ गई…

ये सब सुनकर मुझे तो ऐसा लगा जैसे मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई हो, मैं हैरान- परेशान वहांँ खड़ा था_ तभी अचानक पीछे से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा, मैं डर कर पीछे मुड़ा तो वो शाहीन थी…

” तुम यहां क्या कर रहे हो_ चलो घर चलते हैं..” शाहीन ने मुस्कुराते हुए कहा, मैं कपकपाती नजरों से उसे देख रहा था और सोच रहा था कि ये तो बहुत ज्यादा खूबसूरत है ये चुड़ैल कैसे हो सकती है.. ; मैंने डरते हुए शाहीन से कहा : ” शाहीन ! तुमको पता है ना कि मैं तुमसे बहुत मोहब्बत करने लगा हूंँ_ मैं तुमसे कुछ पूछना चाहता हूंँ..? शाहीन ने कहा : ” पूछो ना, इसमें डरने वाली क्या बात है… मैंने कहा : ” तुम इंसान ही हो ना…?”

मेरा ये सवाल सुनकर एकदम से वो चौंककर मुझे देखने लगी_ उसके बढ़ते कदम रुक गए_ उसकी आंखें गुस्से से लाल होने लगी.. ” तुम्हें किसी ने कुछ बताया है क्या..?” उसने एक अजीब गुस्से वाली आवाज़ में पूछा… मैंने कहा : हांँ, मुझे बस्ती वालों ने तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है_ क्या वो सब सच है..? उसने अपना चेहरा झुका लिया और एक ठंडी सांस भरी… वो बिल्कुल खामोश खड़ी थी_ फिर अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा और घर की तरफ बढ़ते हुए कहा : ” घर चलो मुझे तुम्हें कुछ बताना है, मैं तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुचाऊंगी_ मैं हकीकत में तुमसे मोहब्बत करने लगी हूंँ_ मेरा यकीन करो..”

घर पहुंच कर उसने मुझे बताना शुरू किया…

” देखो अब मैं जो कुछ तुमको बताने जा रहा हूंँ वो बहुत गौर से सुनना_ उसके बाद तुम्हारी मर्जी अगर चाहना तो मेरे पास रुकना, वरना मुझे छोड़कर चले जाना…”

आगे शाहीन ने जो कहानी सुनाई मैं उसी की जुबानी आपको सुनाना चाहता हूंँ, उसने बताया :-

” मैं बचपन से किस्मत की बहुत मारी हूंँ, अभी 6 साल की थी कि मेरे मां-बाप इस दुनिया से चले गएं, मेरे चाचा ने मुझे पाला_ मेरे चाचा बहुत शराब पीते थें, शाम को जब वो घर आतें तो हर छोटी-छोटी बात पर मुझे मारना शुरू कर देतें, वो मुझसे बहुत नफरत करते थें..

जब मैं 12 साल की हुई, तो एक दिन मेरे चाचा दो लड़कों को घर लेकर आएं, चाचा उन लड़कों से कह रहे थें_” मुझे दस हजार दो और इस लड़की को ले जाओ..” मैं देख रही थी कि चाचा मेरी जिंदगी का सौदा कर रहे थें.. मैं कमरे में बैठी रो रही थी कि तभी अचानक कमरे का दरवाजा खुला और वही दोनों लड़के कमरे के अंदर आए और मेरा हाथ पकड़कर दरवाजे की तरफ घसीटने लगें…

मैं चाचा को पुकार रही थी लेकिन चाचा शराब के नशे में धुंध थें उनके हाथों में नोटों की गड्डी थी, मैं समझ चुकी थी कि चाचा ने मुझे इन लड़कों के हाथों बेच दिया है.. वो मुझे घसीटते हुए गाड़ी की तरफ ले जा रहे थें तभी मैंने हिम्मत करके एक लड़के के हाथों में बहुत जोरों से काटा उसने मेरा हाथ छोड़ा, तभी मैंने दूसरे लड़के के भी मौका पाकर हाथों में कांटा और मैं उनके हाथों से आजाद हो चुकी थी…

मेरे पीछे पहाड़ी रास्तों के नीचे बनी एक खाई थी_ मुझे मालूम था कि अगर मैंने यहांँ से छलांग लगाई तो शायद मेरा बचना मुश्किल होगा, लेकिन दूसरी तरफ मेरी इज्जत का सवाल था, इसलिए बगैर सोचे- समझे मैंने नीचे छलांग लगा दी, मैं पलथे खाते नीचे खाई की तरफ जा रही थी, मुझे कुछ होश नहीं था तभी अचानक मेरा सर एक पत्थर से टकराया और मैं बेहोश हो गई…

जब मुझे होश आया तो शाम हो रही थी,अंधेरा होने वाला था, मेरे सारे जिस्म में बहुत ज्यादा चोट लगी थी_ हाथों से खून बह रहा था, मैं एक छोटी सी बच्ची उस जंगल में अकेले पड़ी थी हर तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा थी… चाचा की नफरत मेरे दिल में बैठ चुकी थी_ मैं रात के अंधेरे में पहाड़ी के ऊपर बने अपने घर की तरफ चढ़ रही थी, ठंड बहुत ज्यादा थी, मैं गिरते पड़ते किसी तरह अपने घर के दरवाजे पर पहुंची,मेरी आंखों से बराबर आंसू बहे जा रहे थे…

घर के बाहर एक बड़ा सा पत्थर पड़ा हुआ था_ मैंने वो पत्थर अपने हाथों में उठा लिया, घर का दरवाजा पहले से खुला हुआ था_ चाचा अभी भी शराब के नशे में धुंध सामने सोफे पर बेहोश पड़े थें, मैंने वह पत्थर उनके सर पर मार दिया, उनकी उसी वक्त मौत हो गई…

चाचा की लाश के पास बैठकर मैं बहुत जोर जोर से रो रही थी_ क्योंकि मेरा इस दुनिया में अब कोई नहीं बचा था.. मेरे हाथों में खून भरा हुआ था, मैं बार-बार रोते हुए अपने हाथ चेहरे पर मार रही थी..

तभी अचानक कमरे का दरवाजा खुला और वही दोनों लड़के कमरे के अंदर आएं, उन्होंने जब कमरे में चाचा की लाश देखी और मेरे चेहरे और हाथों पर खून के निशान देखें तो वो इतना ज्यादा डर गएं कि उनमें से एक लड़का तो दरवाजे की तरफ भागने के बजाय खिड़की की तरफ भागा और वहीं से छलांग लगा दी, नीचे खाई में गिरते ही उसकी मौत हो गई _ दूसरा लड़का बस्ती की तरफ भागा और वहांँ जाकर ये खबर फैला दी कि मैं चुड़ैल बन गई हूंँ और मैंने अपने चाचा और उस लड़के को भी मार डाला है…

अब मेरे जीने का सिर्फ एक ही सहारा रह गया था कि ” मैं लोगों की नजर में चुड़ैल बनकर जिंदगी गुजारूं”_ बस्ती वालों के दिलों में मेरी ऐसी दहशत भरी हुई थी कि वो लोग मेरे घर के सामने वाले रास्ते से भी नहीं गुजरते थे..

एक दिन मैं झरने के पास बैठी हुई थी कि एक बूढ़ी औरत मेरे पास आई और कांपते हुए कहने लगी कि ” मुझे मारना नहीं, मैं तुम्हारे फायदे ही के लिए आई हूंँ..” उसने कहा कि हम बस्ती वालों में तुम्हारा डर बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है इसलिए हम चाहते हैं कि तुम हमारे साथ कोई शर्त रख लो इसके बदले तुम हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाओगी_ ताकि हम लोग भी सुकून से इस रास्ते से गुजर सके और अपना कारोबार कर सकें..”

ये तो मेरे लिए एक बहुत सुनहरा मौका था, मैंने दहाड़ती आवाज में कहा : “अगर तुम लोग मुझसे बचना चाहते हो तो मेरी शर्त ये है कि हर सुबह- शाम मेरे लिए अच्छे अच्छे खाने पकाकर भेजो उसके बदले मैं तुम्हारे लड़कों का खून नहीं पियूंगी…

वो दिन और आज का दिन है मैंने हर एक से अपना रिश्ता तोड़ दिया और लोगों की नजर में चुड़ैल बनकर जिंदगी गुजार रही हूं_ मैं भी तुम्हारी तरह के एक इंसान हूंँ और जिस दिन से तुमको देखा है मेरे अंदर मोहब्बत की एक आग जल चुकी है मैं तुमसे बहुत मोहब्बत करने लगी हूंँ, और मैं तुम्हें किसी सूरत भी खोना नहीं चाहती_ लेकिन अगर ये सारी बातें सुनने के बाद तुम मुझे अकेला छोड़कर जाना चाहो तो जा सकते हो मैं तुम्हें रोकूंगी नहीं ..”

ये कहते हुए शाहीन बिल्कुल खामोश हो गई_ उसकी आंखों से आंसू बह रहे थें, मैं उठा और पास जाकर उसे गले से लगा लिया_ वो रो-रो कर मुझसे कहे जा रही थी..” मैं अपनी जिंदगी से बहुत परेशान हो चुकी हूंँ बस अब और मेरे अंदर हिम्मत नहीं है_ मैं तुमको खोना नहीं चाहती मैं तुमसे बहुत मोहब्बत करती हूंँ… मैंने उसे जोर से अपने सीने से दबाया और मेरी भी आंखों से आंसू छलक पड़े…

…आज इस बात को बीते 13 साल हो चुके हैं _ शाहीन मेरे ऑफिस के कामों में मेरा पूरा हाथ बटाती है, हमारे दो बच्चे भी हैं..काशान और सना… हम पति-पत्नी बहुत खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं, मेरी शाहीन बहुत अच्छी है 🌹🌹…

कश्मीर घाटी और हसीन जिन्न लड़की ☠️ | Hindi horror story



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