गरीब लड़की और पीपल का पेड़ ☠️ |Horror hindi story_ read now

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Horror hindi story

   धोबी रेहान की बेटी ” कमला ” बहुत खूबसूरत थी_ लेकिन पता नहीं दो महीनों से उस पर किसी चुड़ैल का साया आ गया था, कमला पूरा हफ्ता तो बिल्कुल सही रहती लेकिन सोमवार के दिन शाम से उसकी हालत बिगड़ने लगती_ रात होते-होते वो गांव के बाहर पीपल के पेड़ के नीचे जाकर बैठ जाती और फिर जो भी उसके पास जाता तो वो अजीब अजीब डरावनी चीजें देखकर वहां से भाग खड़ा होता..

  चौधरी अकमल हुसैन के खेत उसी पीपल के पेड़ के पास थें, उन्होंने एक शाम अपने बेटे जावेद को घर के एक मजदूर सोनू के साथ खेतों में पानी लगाने के लिए भेजा और कह दिया कि रात 8:00 बजे से पहले पहले वापस आ जाना.. चौधरी की बीवी अपने बेटे को पीपल के पेड़ के पास भेजने के लिए तैयार नहीं थी क्योंकि उसने गांव की औरतों से उस चुड़ैल के बारे में बहुत सी बातें सुन रखी थी_ लेकिन पति ने उसको डांटते हुए कहा :” अरे हमारा बेटा अब कोई छोटा बच्चा थोड़ी है वो जवान हो चुका है उसे भी अब खेतों में काम करने दो_ वरना आगे चलकर क्या खाएगा कमाएगा…

  सोनू और जावेद खेत पहुंच चुके थे_ शाम के 7:00 बज रहे थें_ पीपल का पेड़ उनके सामने था_ पेड़ के नीचे बहुत से सूखे पत्ते पड़े हुए थे_ वो दोनों खेत की मेंड़ और पानी की नालियां सही करने लगे_ अंधेरा होता जा रहा था उनके हाथों में सिर्फ एक-एक टॉर्च थी..

  जावेद बहुत डर रहा था_ उसने डरते हुए सोनू से कहा : ” यार ! कहीं यहांँ कमला ना आ जाए…? सोनू ने जब जावेद को डरा हुआ देखा तो कहा : अरे डरो ना, मैं हूं ना_ कुछ नहीं होगा_ जल्दी-जल्दी मेड़ें सही कर लो_ फिर हम घर वापस चलते हैं क्योंकि अंधेरा भी बहुत ज्यादा होता जा रहा है…

  अचानक उन दोनों को पीपल के नीचे पड़े पत्ते खड़खड़ाते महसूस हुए जैसे कोई उनकी तरफ चलता हुआ आ रहा हो_ जावेद डरकर सोनू के पास खड़ा हो गया और कहने लगा : “सोनू भाई ! क्या आप भी ये आवाज सुन रहे हैं..? उन्होंने कहा : हां यार, मुझे भी सुनाई दे रही है_ लेकिन इस वक्त कौन आ रहा होगा_? वो दोनों धीरे-धीरे पीपल के पेड़ की तरफ बढ़े, वो बहुत चौड़ा और घना पेड़ था..

  टॉर्च की रोशनी में पीपल के पेड़ के पीछे देखा तो उन दोनों की जीके निकल पड़ी क्योंकि वहांँ कमला बैठी हुई थी_ उसका चेहरा बहुत डरावना था और वो बिल्लियों की तरह गुर्रा रही थी.. तभी अचानक कमला जमीन पर हाथ टेककर चलने लगी जैसे कोई छोटा बच्चा चलता है, ये दोनों तेजी से गांव की तरफ भागें लेकिन कमला उनके सामने आकर खड़ी हो गई_ उसके नुकीले दांत, लाल-लाल आंखें, और उड़ते बाल देखकर जावेद तो वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा…

  सोनू ने देखा कि अचानक कमला पीपल के पेड़ की तरफ गई और उसका सारा जिस्म एक काले धुएं में बदल गया और वो पीपल के पेड़ के चारों तरफ गोल-गोल नाचने लगी_ वो बिल्लियों जैसी आवाज निकाल रही थी_ सोनू भागना चाह रहा था लेकिन उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे किसी ने उसको जकड़ रखा है..

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  इधर जावेद की मां को किसी पल सुकून नहीं आ रहा था_ उसने अपने पति चौधरी जी से कहा कि देखो 9:00 बज चुके हैं अभी तक ये दोनों वापस नहीं आएं हैं मुझे तो बहुत घबराहट हो रही है_ आप जाकर मालूम करें.. पति ने जवाब दिया अरे किसी वजह से देर हो गई होगी आते ही होंगे परेशान क्यों हो..?! मां ने कहा : नहीं, मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है_ आप धोबी रेहान के घर जाकर मालूम करें कि कमला आज घर पर है या नहीं…?

  चौधरी साहब धोबी रेहान के घर की तरफ चल दिए, दरवाजा खटखटाया, अंदर से धोबी रेहान निकला चौधरी साहब को देखकर वो तो सटपटा गया.. चौधरी साहब ! आप मेरे घर_ खैरियत तो है..? चौधरी : हां सब ठीक है_ जरा ये बताओ कि आज कमला घर पर है या नहीं_ क्योंकि मेरे खेत उसी पीपल के पेड़ के पास हैं और मैंने शाम को जावेद और सोनू को खेतों में पानी लगाने भेजा था वो अभी तक घर वापस नहीं आएं हैं..

  रेहान ने जवाब दिया : चौधरी साहब ! कमला की हालत तो सुबह से खराब थी_ शाम को वो उसी पीपल के पेड़ की तरफ चली गई थी वो घर पर नहीं है.. ये सुनकर तो चौधरी साहब बहुत परेशान हो गए, आवाज सुनकर मस्जिद के इमाम साहब ने अपने घर का दरवाजा खोला और चौधरी साहब को देखकर पूछा : सब खैरियत तो है आप इतनी रात में यहांँ..? चौधरी साहब ने इमाम साहब को सब कुछ बता दिया, इमाम साहब ने कहा कि उन बच्चों की जान को खतरा हो सकता है इसलिए जल्दी से वहां चलो.. चौधरी, इमाम और धोबी रेहान तीनों लोग खेतों की तरफ चल दिए….

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  कमला जो अभी तक पीपल के पेड़ के चारों तरफ धुआं बनकर घूम रही थी धीरे-धीरे नीचे उतरने लगी और सोनू के सामने आकर खड़ी हो गई, वो गुस्से में चिल्लाई_ ” तुम्हें नहीं पता ये मेरा घर है_ तुम्हारी यहांँ आने की हिम्मत कैसे हुई_? मैं तुम दोनों को ऐसी मौत दूंगी कि दोबारा कोई यहांँ आने की हिम्मत भी नहीं करेगा..”

  सोनू को महसूस हुआ जैसे कोई उसका हाथ मरोड़ रहा है, वो दर्द से चिल्लाने लगा_ तभी अचानक उसके पैर भी मुड़ने लगे और वो जमीन पर गिर पड़ा, कमला ने आगे बढ़ते हुए कहा : मैं पहले तेरे जिस्म के एक एक हिस्से को तोड़ूंगी फिर तेरा खून पियूंगी और उसके बाद तुझे इसी पीपल के पीपल के पेड़ पर लटका दूंगी ताकि दूसरे लोग तुम्हें देखकर कभी इधर आने की हिम्मत न करें…

  कमला ने आगे बढ़कर अपने तेज नाखूनों से सोनू के गाल पर नोचा_ उसके गालों से खून बहने लगा_ कमला लपक कर उसका खून चूसने लगी और कहने लगी कि आज बहुत मजा आएगा तेरा सारा खून पी जाऊंगी…

  तभी अचानक कमला की हंसी रोने में बदलने लगी_ और वो तेज तेज रोने लगी_ क्योंकि वहां चौधरी जी इमाम साहब को लेकर पहुंच चुके थे और इमाम साहब तेज तेज आवाज से कुरान की कुछ आयतें पढ़ने लगे थे जिसे सुनकर कमला तेज तेज चिल्लाने लगी_ और थोड़ी देर में कमला धुआं बनकर गायब हो गई…

  इमाम साहब ने जल्दी से सोनू को उठाया_ उधर चौधरी जी ने अपने बेटे जावेद पर पानी छिड़का तो वो भी होश में आ गया, दोनों बहुत घबराए हुए थे इमाम साहब ने दोनों को दिलासा दिया और कहा घबराने की जरूरत नहीं है मैं जल्द ही उस चुड़ैल को खत्म करने की कोशिश करुंगा और कमला को उससे आजाद कराऊंगा.. धोबी रेहान ने इमाम साहब के सामने हाथ जोड़ दिए और कहने लगा : “इमाम साहब ! मेरी बच्ची को बचा लो मैं बहुत परेशान हूंँ..

  अगले दिन रात के वक्त इमाम साहब ने चौधरी के बेटे जावेद को अपने साथ लिया और उसी पीपल के पेड़ के पास पहुंच गएं, इमाम साहब ने थोड़ी दूर पर एक गोल घेरा खींचा और जावेद को उसमें बैठाते हुए कहा : जावेद ! इसी घेरे में बैठे रहना कुछ भी हो जाए तुमको यहां से निकलना नहीं है वो चुड़ैल तुमको बाहर निकालने की बहुत कोशिश करेगी लेकिन जब तक मैं ना कहूं तब तक बाहर ना निकलना…

  इमाम साहब पीपल के पेड़ की दूसरी तरफ चले गए और वहां बैठकर कुछ पढ़ने लगे_ अंधेरा बहुत ज्यादा था_ अचानक जावेद को लगा जैसे दूर से कोई औरत चलती चली आ रही है_ उसके घुंघरू की आवाज खेतों में गूंज रही थी_ जब वो पास पहुंची तो जावेद ने देखा कि वो तो कमला थी_ लेकिन उसकी शक्ल बहुत डरावनी लग रही थी_ कमला चलते चलते पीपल के पेड़ के पास आकर बैठ गई_ उसने इमाम साहब को बहुत घूरकर देखा और कहने लगी : ” यहांँ से चले जाओ वरना तुम दोनों को मार डालूंगी “..

  इमाम साहब ने कुछ पढ़ कर उस पर फूंका तो वो दूर खेतों में जाकर गिरी और कहीं गायब हो गई, अचानक जावेद ने देखा कि खेतों की तरफ से बहुत सी बिल्लियाँ पीपल के पेड़ की तरफ आ रही हैं_ वो सारी बिल्लियाँ हजारों की गिनती में थीं वो सब पीपल के पेड़ के पास आकर जमा हो गई और बहुत तेज तेज गुर्राने लगीं, थोड़ी देर के बाद सारी बिल्लियाँ वापस खेतों में चली गई.. और हर तरफ सन्नाटा फैल गया…

  तभी जावेद ने देखा कि कमला दुल्हन की तरह बहुत ही खूबसूरत कपड़े पहनकर उसके सामने आकर खड़ी हो गई है_ वो बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी_ कमला जावेद को अपनी तरफ बुला रही थी और कह रही थी..

  “जावेद ! मेरे पास आ जाओ_ इस घेरे से बाहर निकलो_ चलो हम एक अपनी दुनिया बसातें हैं जहां सिर्फ हम दोनों होंगे और कोई नहीं होगा..” कमला की खूबसूरती देखकर जावेद उसकी बातों में आने ही वाला था कि अचानक पीछे से इमाम साहब की गुस्से दार आवाज उसके कानों में पड़ी..” जावेद ! अपनी जगह पर बैठे रहो_ वो चुड़ैल तुमको धोखा देना चाहती हैं_ अगर तुम उठ गए तो वो तुम्हें जान से मार डालेगी..

  अचानक कमला का चेहरा उसी डरावनी चुड़ैल की शक्ल में बदल गया और वो गुस्से में गुर्राती हुई इमाम साहब की तरफ गई_ लेकिन तभी इमाम साहब ने उसके ऊपर पढ़ा हुआ पानी फेंका और देखते देखते उसका जिस्म जलने लगा_ वो चीख- चिल्ला रही थी_ हर तरफ उसकी आवाज गूंज रही थी_ थोड़ी देर में वो चुड़ैल पूरी तरह जल गई और हर तरफ धुआं सा फैल गया..

  जब धुआं थोड़ा सा कम पड़ा तो जावेद ने देखा कि कमला पीपल के पेड़ के पास बेहोश पड़ी है, इमाम साहब ने जावेद से कहा : घेरे से निकलकर कमला पर ये पढ़ा हुआ पानी छिड़को..! जावेद ने जाकर कमला पर पानी छिड़का तो वो होश में आ गई.. उसने खुद को जंगल में देखा तो परेशान हो गई और कहने लगी कि मैं ये कहांँ हूंँ_? लेकिन तभी उसकी नजर इमाम साहब पर पड़ी तो वो जल्दी-जल्दी अपने सर का दुपट्टा सही करने लगी…

  इमाम साहब ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा : बेटी ! अब तुम बिल्कुल ठीक हो_ परेशान होने की जरूरत नहीं है_ चलो अब हम लोग घर चलते हैं..! सारी बस्ती वाले इन तीनों का इंतजार कर रहे थें, इन तीनों को साथ वापस आता देख बस्ती वाले बहुत खुश हुए..

 इमाम साहब ने सारे गांव वालों के सामने तेज आवाज में एलान किया : आप लोग खुश हो जाइये वो चुड़ैल हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है_ और अब कमला भी बिल्कुल ठीक हो गई है.. ये सुनकर बस्ती वाले बहुत खुश हुए और चौधरी साहब ने आगे बढ़कर इमाम साहब को गले से लगा लिया..

  चौधरी साहब ने सारे गांव वालों के सामने एलान किया कि मैं इमाम साहब को पचास हजार रुपए इनाम में देता हूंँ क्योंकि इमाम साहब ने हम लोगों को बहुत बड़ी मुसीबत से बचा लिया है.. कमला अपने पिता रेहान के साथ खड़ी थी_ तभी इमाम साहब ने चौधरी जी के कान में कोई बात कही और चौधरी जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया : मैं तैयार हूंँ, आप धोबी रेहान की राय मालूम कर लें..!

  इमाम साहब ने धोबी रेहान को अपने पास बुलाकर चुपके से कहा : मैं चाहता हूंँ कि कमला की शादी जावेद से करा दी जाए..! धोबी रेहान ये सुनकर बहुत खुश हो गए कि एक धोबी लड़की की शादी चौधरी खानदान से हो जाए इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी..

 इमाम साहब ने सारे गांव वालों के सामने एलान किया कि इसी शुक्रवार को जावेद और कमला का निकाह पढ़ाया जाएगा और चौधरी साहब के घर में सारे गांव वालों की दावत रहेगी…

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