मेरे बच्चों को क्यों मारा..? – सच्ची डरावनी कहानी😱 | Horror Story in Hindi

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ये एक सच्चा किस्सा है जो मेरे ही एक दोस्त की बीवी के साथ हुआ ; वो बताती हैं कि मुझे 5 साल हो गए मैं गांव वापस नहीं गई, उसका राज भी खोलते हुए उन्होंने बताया…

मेरी छोटी बहन की शादी थी तो मुझे आज 5 साल के बाद घर वापस जरूर जाना था, जब वहां पहुंची तो शादियों की तैयारी धूमधाम से हो रही थी, मेरे चाचा जी उसी मोहल्ले में रहते थे सुबह मैं उन्हीं के घर जाने की इरादे से बाहर निकली तो अचानक मुझे लगा कि कोई पीछे से मेरी चादर घसीट रहा है..

पीछे मुड़कर देखा तो मेरे सामने एक फकीर औरत गंदे मैले कपड़ों में खड़ी थी, जब मैंने उसे गौर से देखा तो मुझे एक जोर का झटका लगा क्योंकि ये कोई और नहीं बल्कि गांव की वो लड़की थी जिसकी खूबसूरती पर मोहल्ले के लड़के जान देते थे ; मैं आज उसको पूरे 5 साल के बाद देख रही थी, वो मेरी सबसे अच्छी दोस्त “शाइना” थी, मेरी उससे 17 साल पुरानी दोस्ती थी, मेरे बगैर उसका और उसके बगैर मेरा दिल नहीं लगता था शादी से पहले हम लोग हर वक्त साथ रहा करते थे…

Horror Stories in Hindi

जब हम दोनों बड़े हुए तो घर में शादी की बातें चलने लगी, हम दोनों बहुत परेशान रहने लगें_ क्योंकि हम दोनों की तमन्ना ये थी कि जिस घर से भी हमारी शादी हो हम दोनों एक साथ उसी घर में जाएं..

ईश्वर ने हमारी सुन ली और हुआ ये कि एक अच्छे घराने से दो भाइयों का रिश्ता आया_ बड़े भाई का मेरे साथ और छोटे भाई का शाइना के साथ ; हमारे घर वाले भी राजी हो गए.. हम दोनों की खुशी की इंतिहां ना रही..

शादी से एक दिन पहले मेरी छोटी बहन ने मुझसे कहा कि आपा ! अब आपको “शाइना” के साथ बहुत संभल कर रहना होगा, क्योंकि अब आपका उसके साथ रिश्ता दोस्ती वाला नहीं बल्कि देवरानी- जेठानी वाला हो चुका है और इस रिश्ते में बहुत नफरतें होती हैं…

मैंने उसकी बात टालते हुए कहा..अरे ऐसा नहीं है मेरी शाइना बहुत अच्छी है वो मेरी सबसे पक्की दोस्त है_ वो कभी मेरे साथ बुरा नहीं चाहेगी_ इसीलिए तो हम दोनों एक घर में शादी करके जा रहे हैं ताकि हमारी दोस्ती हमेशा बाकी रहे…

हम दोनों शादी करके एक घर में आ गए मेरे पति पढ़े लिखे थे इसलिए उनकी नौकरी शहर में अच्छी जगह लग गई, शाइना के पति पढ़े-लिखे नहीं थे इसलिए वो गांव ही में खेती-बाड़ी किया करते थे_ हम दोनों की जिंदगी बहुत खुशहाल गुजर रही थी_ एक साल के बाद मेरे यहांँ एक लड़का हुआ और शाइना के यहां भी एक लड़का हुआ_ हम दोनों की खुशियों में चार चांद लग गए…

मेरे पति मुझसे हमेशा जिद करते रहते कि तुम भी मेरे साथ शहर में चल कर रहो.. लेकिन मैं उनकी बात हमेशा टाल देती_ 5 साल इसी तरह गए_ मेरी दो लड़कियां और एक बड़ा लड़का था_ लेकिन शाइना के यहां सिर्फ एक ही लड़का हुआ उसके बाद उसके यहां किसी बच्चे की पैदाइश नहीं हुई..

एक दिन की बात है मैं शाइना के साथ बैठी बातें कर रही थी कि अचानक मेरी छोटी बच्ची के पेट में बहुत तेज दर्द होने लगा वह दर्द से तड़प रही थी_ मैं और शाइना और मेरे देवर जी( शाइना के पति) जल्दी से उसे डॉक्टर के पास लेकर भागें_ डॉक्टर ने दवा दी और उसे थोड़ी सी आराम हो गई, मैंने अपने पति को फोन करके बता दिया था_ तो वो भी गांव के लिए रवाना हो चुके थे…

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सुबह जब मेरी आंख खुली तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई_ क्योंकि मेरी सबसे छोटी 3 साल की बच्ची बिल्कुल नीली पड़ चुकी थी_ और उसकी मौत हो चुकी थी.. ये देख मैं बहुत तेज चिल्लाई ; सारे घर वाले जमा हो गए_ घर में मातम शुरू हो गया, मेरा रो रो कर बुरा हाल हो रहा था.. इतनी देर में मेरे पति जी भी आ गए_ मैं उनसे लिपट कर बहुत रोई.. वो भी बहुत परेशान थें…

इस बात को गुजरे एक हफ्ता हो चुका था मुझे अपने बच्चों और पति का कोई होश नहीं था_ सब कुछ शाइना ने संभाला हुआ था… अभी बेटे का गम खत्म नहीं हुआ था कि अचानक मेरी अम्मी की मौत हो गई जैसे मेरे ऊपर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो..

मेरे पति को दफ्तर से फोन आ गया इसलिए वो शहर रवाना हो गए, जबकि मेरी हालत बिस्तर से उठने वाली नहीं थी, तीन दिनों के बाद अचानक मेरी दूसरी बेटी को भी बहुत तेज उसी तरह पेट में दर्द होने लगा, उसका दर्द बढ़ता जा रहा था.. मुझे वैसे भी कोई होश नहीं था इसलिए अब मुझमें और दुख उठाने की ताकत नहीं बची थी..

शाइना मेरे पास बैठी थी और मुझे हिम्मत दे रही थी कि ” तुम परेशान ना हो मैं हूं ना_ मैं सब कुछ देख लूंगी_ तुम्हारी बेटी जल्दी ठीक हो जाएगी_ मैं अभी अपने पति के साथ अस्पताल जाकर इसकी दवा लेकर आती हूंँ _ तुम परेशान ना हो…

मैं उससे कह रही थी कि मैं तुम्हारे एहसान का बदला कभी अदा नहीं कर पाऊंगी_ तुम मेरे बच्चों का हर तरह से ख्याल रखती हो_ मैं तो कमजोरी की वजह से बिस्तर से भी नहीं उठ पा रही हूंँ..

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शाइना मेरे और मेरे बच्चों का हर तरह से ख्याल रखती_ वो पूरा पूरा दिन हम लोगों के लिए भाग भाग कर काम किया करती थी, मुझे जबरदस्ती खाना और दवा खिला कर और मेरे बच्चों को सुला कर ही अपने कमरे जाती…

उसी दिन रात 1:30 बजे मेरी आंख खुली_ मुझे बहुत तेज की प्यास लगी हुई थी_ लेकिन कमजोरी की वजह से मुझसे उठा नहीं जा रहा था, मेरे कमरे का दरवाजा खुला हुआ था अचानक मेरी नजर कमरे के बाहर आंगन पर पड़ी_ वहाँ कोई औरत काले कपड़े पहने बैठी मिट्टी खोद रही थी, मैं नींद में थी और कमजोरी की वजह से उठ भी नहीं पा रही थी, मैं बहुत देर तक उसे देखती रही और पता नहीं कब फिर मेरी आंख लग गई और मैं सो गई..

सुबह जब मेरी आंख खुली और मेरी नजर घड़ी पर पड़ी है तो मेरा दिल धक से हो गया_ क्योंकि घड़ी में दिन के 2:00 बज रहे थे_ मैंने अपने बगल में लेटे अपने दोनों बच्चों को देखा वह दोनों बेखबर सो रहे थे_ मेरी बेटी को रात में शाइना ने दवा लाकर दे दी थी तो उसके पेट का दर्द कम हो गया था, और वो सुकून से सो रही थी..

अचानक कमरे के बाहर से किसी के रोने की आवाज आने लगी_ मैंने कान लगाकर सुना तो ये तो शाइना की आवाज थी_ मैं हिम्मत करके किसी तरह बिस्तर से उठी और बाहर गई_ तो क्या देखती हूं कि शाइना अपने बच्चे को गोद में लिए बहुत जोर जोर से रो रही है_ उसके बच्चे के हाथ पैर मुड़े हुए थे और उसका पूरा जिस्म नीला पड़ चुका पड़ चुका था_ उसके लड़के की मौत भी उसी तरह हुई थी जैसे मेरी छोटी बच्ची की मौत हुई थी.. यह देखकर मानो मेरे पैरों पैरों तले जमीन निकल गई हो, क्योंकि ये शाइना का इकलौता बच्चा था और शाइना की हालत बहुत बुरी हो रही थी…

पता नहीं हमारे बच्चों को किसकी नजर लग गई थी.. जब सुबह शाइना के लड़के का जनाजा उठा तो शाइना बेहोश होकर गिर पड़ी, मेरे पति भी आ चुके थे_ हमारे घर में हर कोई पूरी तरह टूट चुका था…
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मेरे पति मोहल्ले के इमाम साहब को घर बुला लाएं, वह बहुत बूढ़े और नेक इंसान थे_ उनके चेहरे से नूर टपकता था_ वो घर के आंगन में बैठे हम सभी को समझा रहे थें कि सब्र करो सब ठीक हो जाएगा.. अचानक वो बोलते बोलते खामोश हो गए, और इधर- उधर देखकर कहने लगे कि इस घर में कोई मुसीबत है_ कुछ है जो तुम लोगों को परेशान कर रहा है_ और ये जो तुम्हारे बच्चों की मौत हो रही है ये उसी वजह से हो रही है.. ये सुनकर मैं सहम सा गई..

इमाम साहब उठे और मेरे कमरे की चौखट के पास आकर खड़े हो गए और मेरे पति से कहा : ” यहाँ पर खोदो..! मेरे पति ने वो जगह खोदी तो अचानक नीचे से एक कपड़े का पुतला निकला_ जिस पर कुछ सुइयांँ भुकी हुई थीं_ उसके साथ एक पर्ची निकली जिस पर लकीरें बनी हुई थी_ और एक तरफ नीचे मेरी सबसे छोटी लड़की का नाम लिखा हुआ था_ और उसके आगे कट का निशान (❌)बना हुआ था..

यह देखकर मैं तो चकरा गई_ और मुझे रात वाली वही बात याद आ गई कि कोई औरत मेरे कमरे के बाहर बैठी मिट्टी खोद रही थी, मेरे पति और देवर अपना सर पकड़ कर बैठ गए कि ये किसने हमारे घर पर जादू करवाया है जिसकी वजह से हमारे बच्चों की मौत हो रही है…

Horror story in English

इमाम साहब ने मेरे देवर जी से कहा : आपकी बीवी की तबीयत कैसी है..? उन्होंने जवाब दिया कि उसकी हालत बहुत बुरी है_ उसको किसी चीज का होश नहीं_ वो बिस्तर पर पड़ी है.. इमाम साहब ने कहा :” क्या मैं उससे मिल सकता हूं..? ” देवर जी ने कहा : जी जरूर, आइये.. वो इमाम साहब को लेकर अपने कमरे की तरफ चल दिए मैं उनके पीछे पीछे गई..

शाइना बिस्तर पर लेटी हुई थी.. इमाम साहब को सुनकर वो मुश्किल से उठकर बैठी और सलाम किया.. इमाम साहब ने उसके पास पहुंचकर बहुत तेज उसके गाल पर तमाचा मारा और कहा : तुमने जो किया है ये तुमको उसी का बदला मिला है_ तुम्हारी नफरत ही की वजह से आज तुम्हारे बच्चे की मौत हो गई है.. इमाम साहब बराबर शाइना को मारते जा रहे थें.. हम लोग ये सब देख कर बहुत हैरान थे कि ये क्या हो रहा है..?

अचानक थोड़ी देर के बाद शाइना चिल्ला चिल्ला कर कहने लगी…

” मैं क्या करती_ हम दोनों पक्के दोस्त थे एक साथ बड़े हुए_ हमारी शादी भी एक घर में हुई_ लेकिन उसकी किस्मत अच्छी थी और मेरी बुरी_ उसका पति पढ़ा लिखा और खूबसूरत था जबकि मेरे पति अनपढ़ थे_ उसके पास पैसों की कमी नहीं रहती थी और मैं एक एक रुपए को तरसती थी_ ईश्वर ने उसको तीन लड़के दिए थे और मेरा तो सिर्फ एक ही लड़का था…

” इसीलिए मेरे अंदर नफरत की आग जल उठी और मैंने सोच लिया कि मैं इसको बर्बाद करके रहूंगी.. इसीलिए मैं एक जादूगर से जाकर मिली और फिर इसकी छोटी लड़की पर जादू करा कर उसे मार डाला.. और कल रात मैंने उसकी दूसरी लड़की को भी जादू से मारने की कोशिश की और इसके कमरे की चौखट के बाहर एक जादू का पुतला दफना दिया_ क्योंकि मुझे मालूम था कि सुबह सबसे पहले इसकी लड़की उठकर बाहर आंगन में खेलने लगती है इसलिए जैसे ही वो उस जादू के पुतले पर पैर रखेगी_ उस पर जादू का असर हो जाएगा और वह भी शाम तक मर जाएगी…

लेकिन मेरी बदकिस्मती कि ये लोग आज देर तक सोते रहें और मेरा इकलौता लड़का पता नहीं कब सुबह उठकर इनके कमरे चला गया और वापस आ कर मुझसे कहने लगा : मम्मा ! मैं उनके कमरे गया था वो लोग अभी तक सो रहे हैं…

ये सुनकर मेरे तो होश उड़ गए_ क्योंकि उस जादू के पुतले पर सबसे पहले मेरे बच्चे के पैर पड़ चुके थें_ थोड़ी देर में मेरे बच्चे के पेट में दर्द होने लगा और शाम होते होते मेरे बच्चे की मौत हो गई..

…मैं चौखट पर खड़ी शाइना की बातें सुन रही थी_ वो रो-रो कर ये सब बातें बयान कर रही थी.. मुझे अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था कि क्या शाइना भी मेरे साथ ऐसा कर सकती है.. मैं अपना सर पकड़ कर बैठ गई और मेरा मन कर रहा था कि मैं बहुत चीख चीखकर रोऊं .. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि शाइना ऐसा कैसे कर सकती है..?

मेरे देवर गुस्से में शाइना से कह रहे थे कि तुम इतनी घटिया हो मैं सोच भी नहीं सकता था..? मैं अपने कमरे आकर कपड़े पैक करने लगी_ मैंने अपने पति से कहा कि हम आज ही शहर चले जाएंगे.. शाइना मेरे कमरे रोती हुई आई और मेरा पैर पकड़ कर कहने लगी : मुझे माफ कर दो..

मैंने उसको झटका देकर कहा : ” जो औरत मेरे बच्चों की जान ले सकती है मैं उसे कैसे माफ कर दूं_ तुमको अगर दुश्मनी थी तो मुझसे निकाल लेती_ मेरे बच्चों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था..?

शाइना ने जवाब दिया : मुझे दुश्मनी नहीं थी_ मैं तो आज भी तुमको उसी तरह चाहती हूं_ लेकिन पता नहीं मुझे क्या हो गया था… मैंने उसका कोई जवाब नहीं दिया और अपने पति और बच्चों के साथ उस गांव को छोड़कर हमेशा के लिए शहर आ गई..

बाद में सुनने में आया कि मेरे देवर जी ने शाइना को तलाक दे दी है… बेटे की मौत और पति से तलाक की वजह से शाइना पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वह पागल हो गई.. अब वो गांव की गलियों में बिखरे बालों के साथ फटे नुचे कपड़े पहने घूमा करती है और अपने पति और बच्चे को तलाश किया करती है..

मैं दोबारा पलट कर कभी गांव वापस नहीं आई.. लेकिन अब 5 साल के बाद मेरी छोटी बहन की शादी थी_ इसलिए मुझे गांव आना पड़ा.. तो सुबह चाचा के घर जाते हुए शाइना ने पीछे से मेरी चादर पकड़ ली और मुझसे हाथ जोड़कर कहने लगी.. मुझे माफ कर दो😭..

मगर मैंने झटका देकर अपनी चादर उसके हाथों से छुड़ाई और आगे बढ़ गई…

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