हसीन इच्छाधारी नागिन से मुहब्बत🐍| Horror story in hindi

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हसीन इच्छाधारी नागिन से मुहब्बत🐍| Horror story in hindi

  सर्दियों के दिन चल रहे थे मैं ऑफिस से थका- हारा घर आया और जल्दी से कंबल ओढ़कर लेट गया, अभी मैं थोड़ी- थोड़ी नींद ही में था कि अचानक मुझे महसूस हुआ कि जैसे कंबल में कुछ सरसराहट सी हुई है_ मैं उठकर बैठ गया और जल्दी से लाइट जलाकर कंबल को देखने लगा, बेड पर से कंबल को हटाकर देखा तो एक बहुत जहरीली नागिन कम्बल में लिपटी बैठी हुई थी…

ये देख मेरे तो होश उड़ गए, मैं चीखते हुए बाहर की तरफ भागा लेकिन वहांँ मेरी सुनने वाला कोई नहीं था_ क्योंकि मैं नैनीताल के पहाड़ी इलाके में बिल्कुल अकेला रहता था, आजकल गार्ड भी छुट्टी लेकर घर गया हुआ था, डर व खौफ की वजह से मेरा बुरा हाल हो रहा था, घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी_ लेकिन बाहर बर्फ भी पड़ रही थी और ठंड बहुत ज्यादा थी अगर मैं थोड़ी देर और बाहर रुका रहता तो शायद सर्दी से बीमार पड़ जाता…

हिम्मत करके मैं किसी तरह घर के अंदर गया और अपने कमरे में झांककर देखा_ वहांँ बिल्कुल सन्नाटा था मैं धीरे-धीरे कंबल के पास गया और उसे हटाया_ वहां पर भी कुछ नहीं था मैंने कमरे में इधर-उधर देखा_ बेड के नीचे देखा शायद वो नागिन कहीं गायब हो गई थी.. मैं फिर से लेट गया, सारी रात मुझे नींद नहीं आई, सुबह जल्दी से उठकर मैं ऑफिस चला गया…

रात को जब मैं अपने ऑफिस से लौट रहा था तो अचानक जंगल वाले रास्ते के पास मेरी कार के सामने एक लड़की आ गई, मैंने बहुत तेज ब्रिक मारी और हम दोनों मरते मरते बचें_ क्योंकि पहाड़ी इलाकों में सड़क की एक तरफ तो गहरी खाई होती है तो दूसरी तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़_ गाड़ी पलटने का पूरा अंदेशा रहता है…

वो लड़की चलते हुए मेरी गाड़ी के पास आई और दरवाजा खोलकर फ्रेंट सीट पर बैठ गई, मैं बड़ा हैरान था कि इस लड़की में इतनी हिम्मत कैसे आ गई..? वो लड़की बहुत खूबसूरत थी जैसे आसमान से उतरी कोई परी हो, उसका मासूम सा चेहरा_ गुलाबी होंठ_ नीली नीली आंखों में अजीब सा जादू था…

उसने मेरी तरफ देखते हुए कहा : गाड़ी चलाइए मुझे आपकी मदद चाहिए,_; मैंने कहा : ” बताओ, क्या हुआ..?” उसने कहा : नहीं, मैं यहां पर नहीं बता सकती आप अपने घर चलिए वहांँ बताऊंगी.. मैं उसे लेकर घर आ गया और उसे बेडरूम में बिठाते हुए कहा : हां बताओ, आपको क्या चाहिए…?

उसने कहा : मैं बहुत मुसीबत में हूंँ, सिर्फ आप ही मेरी मदद कर सकते हैं क्या आप मेरी मदद करेंगे..? मैंने कहा : ठीक है, अगर मेरे बस में होगा तो मैं जरूर मदद करूंगा..

उसने बताया : मैं एक इच्छाधारी नागिन हूंँ, हम सांपों के जब 100 साल उम्र पूरी हो जाती हैं तो हम इंसान की शक्ल में भी आ सकते हैं..

ये सुनकर मेरे तो होश उड़ गए, मुझे उसकी बातों पर यकीन नहीं हो रहा था_ मैंने कहा : मैं कैसे यकीन करूं कि तुम एक इच्छाधारी नागिन हो..? तभी अचानक उसकी शक्ल बदलने लगी और देखते ही देखते वो एक नागिन की शक्ल में बदल गई..

मेरा डर से बुरा हाल हो रहा था क्योंकि मैं सांपों से बहुत डरता था और ये वही नागिन थी जो कल रात मुझे मेरे कम्बल में मिली थी.. उसने फिर से इंसानी रूप धारा और कहने लगी.. ” कल रात मैं ही तुम्हारे कम्बल में आई थी लेकिन तुम मुझसे इतना डर गए थे कि मैं वहांँ से चली गई और फिर आज मैंने दूसरा तरीका अपनाया कि आपकी गाड़ी के सामने आ गई ताकि आप मेरी मदद करो…

मैंने कहा : ” बताओ, तुम्हें कैसी मदद चाहिए..! उसने बताना शुरू किया : ” नाग नागिन एक जोड़ा होते हैं, हम दोनों नाग नागिन के जब 100 साल पूरे हो गए तो हम इंसानों की शक्ल में लोगों के बीच रहने लगें, मैंने अपना नाम ” कोमल ” और मेरे नाग ने अपना नाम ” साहिल ” रखा, लोगों के बीच रहते हुए हमें बहुत अच्छा लगता था, हमने एक गांव में अपना घर बसाया और खुशी-खुशी जिंदगी गुजारने लगे…

एक दिन उसी गांव में एक जादूगर सपेरा आया, उसने हम लोगों को पहचान लिया कि हम इंसान नहीं बल्कि सांप हैं, उसने हम दोनों को कैद कर लिया और फिर हमें लेकर एक वीरान इलाके में पहुंचा.. उस इलाके में उस जादूगर का जादू फैला हुआ था वहांँ उसकी इजाजत के बगैर एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता था.. उसने हम दोनों को एक पिंजरे में कैद कर दिया..

एक दिन जादूगर ने मुझसे कहा कि अगर तुम मुझे 41 दिनों तक रोजाना किसी हिरन का कटा हुआ सर लाकर दो तो मैं तुम्हें और तुम्हारे नाग को आजाद कर दूंगा.. मैंने ये शर्त कबूल कर ली और फिर रोजाना उसे एक हिरन का कटा हुआ सर लाकर देने लगी..

जब 41 दिन गुजर गए तो मैंने उससे कहा अब वादे के मुताबिक मेरे नाग को आजाद कर दो..! लेकिन वह हंसने लगा और कहा : कभी आजाद नहीं करूंगा.. उसने मुझे तो छोड़ दिया लेकिन मेरे नाग को अपने पास कै़द कर लिया.. आज इस बात को बीते आठ महीने गुजर चुके हैं, मेरा नाग आज भी उसी के पास कैद है_ मैंने अपने नाग को आजाद कराने की बहुत कोशिश की लेकिन आजाद ना करा सकी_ इसीलिए मैंने तुम्हारा सहारा लिया_ मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है- अरमान- मेरी मदद करो”.. इतना कहकर वो रोने लगी…

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मैंने कहा : ठीक है, मैं तुम्हारी मदद के लिए तैयार हूंँ लेकिन मुझे इसके लिए क्या करना होगा…? उसने बताया : ” यहांँ से पश्चिम की तरफ काले पहाड़ हैं वहांँ एक गुफा बनी हुई है जिसमें 100 आत्माएं कैद हैं, उस गुफा के सामने ही जमीन के अंदर एक किताब दफन है_ उसमें एक मंत्र लिखा है_ अगर कोई इंसान वो मंत्र पढ़ ले तो वो सारी आत्माएं उसकी गुलाम बन जाएंगी…

मैं चाहती हूंँ कि तुम उन आत्माओं को अपना गुलाम बना कर जादूगर से मेरे नाग को आजाद करवा दो_ क्योंकि वो जादूगर बहुत ताकतवर है लेकिन उन आत्माओं के सामने वो जादूगर भी कमजोर पड़ जाएगा_ इसीलिए मुझे तुम्हारा साथ चाहिए.. मैंने कहा : ठीक है, मैं तुम्हारी जरूर मदद करूंगा.. मेरा ये जवाब सुनकर कोमल बहुत खुश हुई और पास आकर मुझे गले से लगाया लगा लिया और फिर मेरे होठों पर उसने अपने होंठ रख दिये_ रात वो मेरे पास ही लेटी रही…

कोमल ने मुझे सुबह 5:00 बजे जगाते हुए कहा : ” जल्दी उठो, हमें काले पहाड़ों की तरफ जाना है..” मैं जल्दी से उठ बैठा और हाथ मुंह धोकर फ्रेश हो गया, सुबह 6:00 बजे अंधेरे ही में हम लोग काले पहाड़ों की तरफ चल दिए..

कोमल बहुत ज्यादा खूबसूरत थी_ सूरज की रोशनी जब उसके चेहरे पर पड़ती थी तो उसका चेहरा हीरे की तरह चमकता था, उसका दूधिया रंग_ नीली नीली आंखें और कांधों पर बिखरे सुनहरे बाल कयामत ढा रहे थें.. वो मेरे दिल में उतरती जा रही थी ये जानते हुए भी कि वो किसी और से प्यार करती है और वो एक नागिन है लेकिन फिर भी मुझे उससे बहुत ज्यादा मोहब्बत होती जा रही थी मैं उसके लिए अपनी जान भी कुर्बान कर सकता था…

चलते चलते हम एक वीरान जंगल में पहुंच चुके थें, तभी अचानक हमारे सामने एक जगह की जमीन हिलने लगी और फिर अचानक एक डरावनी शक्ल की चुड़ैल अंदर से बाहर निकली_ उसके मुंह से खून टपक रहा था_ उसने मुझे खाने के लिए अपना जबड़ा फैलाया और बहुत तेज मेरी तरफ उड़ती हुई आने लगी, मुझे अपनी मौत सामने नजर आ रही थी लेकिन तभी कोमल ने अपना हाथ बढ़ाया और उस चुड़ैल की गर्दन पकड़कर उसे हवा में लहरा दिया_ देखते देखते वो चुड़ैल जलकर राख हो गई…

कोमल ने मुस्कुराते हुए मेरे हाथ अपने कांधे पर रखे और आगे चलने को कहा, वो कह रही थी कि परेशान ना हो_ तुम्हें कुछ नहीं होगा मैं तुम्हारे साथ हूं_ आगे भी तुम्हें डराने की बहुत कोशिश की जाएगी_ लेकिन तुम मेरे लिए हिम्मत न हारना..

चलते चलते हमें रात हो गई, अभी वो घना जंगल खत्म नहीं हुआ था_ कोमल ने कहा : ” रात में आगे जाना मुनासिब नहीं होगा_ हम इसी जंगल में रात गुजारेंगे.. हमने एक साफ जगह तलाश की और वहांँ पर कुछ लकड़ियां जमा करके मैंने अपना लाइटर निकाला और लकड़ियों में आग लगा दी…

मैं एक लकड़ी के सहारे से पास ही बैठ गया और अपनी जेब से सिगरेट निकाल कर जलाने लगा_ मुझे इस जंगल में बहुत डर लग रहा था, कोमल बराबर मुझे देखे जा रहे थी आखिर वो भी मेरे पास आकर बैठ गई और कहने लगी : ” तुम्हें डर लग रहा है..? मैंने कहा : ” ये जंगल ही डरावना है मैं क्या कोई भी इंसान हो उसे यहांँ डर लगेगा…

कोमल ने मेरे सर पर हाथ फेरते हुए कहा : ” डरो ना, मैं तुम्हारे साथ हूंँ_ अब सो जाओ.. कोमल ने अपना सर मेरे सीने पर रख दिया और मेरा हाथ उठाकर अपने गालों पर रख लिया.. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे सारी दुनिया की खुशियांँ मिल गई हों, मुझे कोमल से बहुत ज्यादा मोहब्बत होती जा रही थी, मैं चाह रहा था कि अब मैं उसे सब कुछ बता दूंँ लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहा था…

आखिर मैंने हिम्मत करके कोमल को सब बता ही डाला… ” कोमल ! मैं तुमसे बहुत मोहब्बत करने लगा हूंँ, मैं चाहता हूंँ कि हम दोनों एक साथ एक घर में जिंदगी गुजारें..” कोमल मुस्कुराते हुए मेरे घुटनों पर लेट गई और मेरा हाथ अपने हाथों में लेकर कहने लगी.. ” अरमान ! तुम्हें तो पता है कि मैं इंसान नहीं हूं एक नागिन हूंँ_ एक नागिन और इंसान का रिश्ता कैसे जुड़ सकता है और फिर मैं तो अपने नाग से मोहब्बत करती हूँ मैं उसके अलावा किसी के बारे में सोच भी नहीं सकती…”

कोमल का ये जवाब सुनकर मुझे बहुत दर्द हुआ_ लेकिन मैं उससे बहुत मोहब्बत करने लगा था, वो मेरे घुटनों पर लेटी सो रही थी_ चांद की रोशनी में उसका सफेद चेहरा चांदी की तरह चमक रहा था, मैं उसे देखे जा रहा था और उसके बालों में हाथ फेर रहा था, फिर पता नहीं कब मुझे भी नींद आ गई…

सुबह सूरज की रोशनी से हम दोनों की आंख खुली.. हमने फिर से काली पहाड़ी की तरफ सफर शुरू किया, बहुत दूर तक हम दोनों खामोश रहें_ फिर कोमल ने खामोशी तोड़ते हुए कहा : अरमान ! तुम गुस्सा मत हो यह मेरी मजबूरी है मैं कभी तुम्हारी नहीं हो सकती क्योंकि मैं एक नागिन हूं और तुम इंसान हो…

अभी कोमल अपनी बात पूरी करती कि तभी अचानक हवा में उड़ता हुआ एक खूंखार पंजा मेरी तरफ आया और उसने मेरी गर्दन पकड़ ली.. उसके नुकीले नाखूनों की वजह से मेरी गर्दन से खून बहने लगा_ वो बहुत तेज मेरी गर्दन दबा रहा था, कोमल मुझे बचाने की हर एक कोशिश कर रही थी लेकिन वो नाकाम थी, मेरी मौत मुझे अपने सामने नजर आ रही थी कि तभी मैंने कुरान के कुछ आयतें पढ़ना शुरू कर दीं और देखते ही देखते वो हाथ मेरी गर्दन से हटकर कहीं गायब हो गया..

कोमल दौड़ती हुई मेरे पास आई और मुझे गले लगाकर रोने लगी, वो रोते हुए कह रही थी : ” तुम ठीक तो हो ना अरमान..! तुम मेरे लिए कितनी मुसीबतें झेल रहे हो..” मैंने कहा : ” अपनी मोहब्बत की खातिर मैं अपनी जान भी दे सकता हूंँ_ तुम मेरी मुहब्बत हो कोमल_! तुम परेशान ना हो मैं तुम्हारे नाग को आजाद कराकर ही दम लूंगा..” ये कहते हुए मेरी भी आंखों में आंसू आ गए…

कोमल ने मेरी आंखों की तरफ देखा और फिर सर झुकाकर कहने लगी : “चलो, हम आगे चलते हैं..” थोड़ी देर के बाद हम उस काली पहाड़ी पर पहुंच चुके थें, वहांँ पूरब की तरफ एक गहरी गुफा थी हम दोनों उस गुफा के अंदर गएं, और फिर एक जगह की तरफ इशारा करते हुए कोमल ने कहा : ” यहांँ की मिट्टी हटाओ तुमको वो किताब यहीं पर मिलेगी..” मैंने वहांँ की मिट्टी हटाई तो मुझे वो किताब मिल गई…

मैंने उसे खोलकर मंत्र पढ़ना शुरू कर दिया, अचानक गुफा के अंदर से अजीब अजीब डरावनी आवाज़ें आने लगीं और फिर देखते ही देखते वही 100 आत्माएं मेरे सामने आकर खड़ी हो गईं, उनकी शक्लें ऐसी लग रही थी जैसे किसी लाश को हथौड़े से पीटा गया हो_ उनकी चमड़ी जली हुई मालूम हो रही थी_ वो बहुत डरावनी शक्लों में मेरे सामने आकर कहने लगीं : ” हम आपके गुलाम हैं_ आपका जो भी हुकुम होगा हम उसे पूरा करेंगे..”

कोमल ने कहा : ” अब हमें जादूगर के पास चलना है_” मैंने आत्माओं को हुकुम दिया तो उन्होंने हमें उड़ाकर जादूगर के पास पहुंचा दिया.. जादूगर ने जब हमें भयानक आत्माओं के साथ आता देखा तो उसने अपने जादू से वहांँ पर बहुत से भूतों और जिन्नातों को बुला लिया, फिर वहांँ चुडै़लो और भूतों के बीच खतरनाक लड़ाई हुई.. इस लड़ाई में चुड़ैलों ने भूतों को मार डाला….

तभी मैंने देखा कि जादूगर की तरफ से एक नाग रेंगता हुआ हमारी तरफ आ रहा है, अचानक वो नाग एक इंसानी रूप में आ गया.. कोमल उसे देखकर बहुत तेज दौड़ी और उससे लिपटकर रोने लगी.. कोमल को खुश देख मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी_ मैं अपनी मेहनत में खुद को कामयाब देख रहा था क्योंकि कोमल को उसका प्यार मिल गया था..

लेकिन तभी अचानक उस जादूगर ने कुछ ऐसा जादू किया कि वो नाग लड़का जमीन से उठकर हवा में लहराने लगा_ अगले ही पल उस जादूगर ने आग का एक शोला अपने मुंह से उस नाग की तरफ फूंका और वो हवा ही में जलने लगा.. कोमल ये देखकर बहुत तेज चिल्ला रही थी कि मेरे नाग को मत जलाओ मैं उसके बगैर जिंदा नहीं रह पाऊंगी..

जब मैंने अपनी कोमल की ये हालत देखी तो मैंने जल्दी से आत्माओं को हुक्म दिया कि इस जादूगर को से खत्म कर दो, आत्माओं ने जादूगर की गर्दन पकड़ी और उसे धड़ से अलग कर दिया, जादूगर उसी वक्त मर गया और उसका जादू का असर भी खत्म होने लगा_ तभी वो नाग लड़का नीचे आकर गिरा_ उसका पूरा जिस्म जल चुका था..

कोमल उसे अपनी गोद में लिए बैठी रो रही थी और कह रही थी : “तुम मुझे छोड़ कर नहीं जा सकतें, मैं तुम्हारे बगैर जिंदा नहीं रह पाऊंगी..” उस नाग लड़के ने इशारे से मुझे अपने पास बुलाया और ये कहते हुए दम तोड़ दिया कि ” मेरी कोमल का ख्याल रखना_ वो बहुत अच्छी है…

आज इस बात को गुजरे 4 साल हो चुके हैं, मैं और कोमल ने शादी कर ली है, उन 100 आत्माओं को भी मैंने फिर से उसी गुफा में कैद कर दिया, कोमल ने एक बाबा से मिलकर अपना सांप वाला रूप हमेशा के लिए खत्म करवा लिया_ और अब वो भी हमारी तरह एक इंसान है, मैं उसी पहाड़ी वाले घर में रहता हूंँ_ हमारे दो बच्चे भी हैं.. कोमल आज भी बहुत ज्यादा खूबसूरत है_ वो मुझसे बहुत मुहब्बत करती है…

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