पांच दोस्त और नाग का बदला🐍 | Horror Story in Hindi

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Horror Story in Hindi

   ये कहानी पांच दोस्तों की है जो लखनऊ के पास ही एक बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ते थें, उनमें तीन लड़के थें सुनील, फैसल, रेहान और दो लड़कियां अलीजा, सना.. ये सारे दोस्तों का ग्रुप एक दूसरे के लिए जान तक देता था, कुछ रोज के बाद उसी यूनिवर्सिटी में एक नया लड़का आया और उसने इन पांचो दोस्तों से बहुत पक्की दोस्ती बना ली उसका नाम ” कामरान ” था…

एक रात जब ये सारे दोस्त यूनिवर्सिटी के बाहर चाय के मजे ले रहे थे तभी फैसल के फोन की घंटी बजी, उसने फोन उठाया तो उसके पिताजी कह रहे थें कि बेटा जल्दी से घर आ जाओ तुम्हारी मम्मी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है,..

ये सुनकर फैसल बाइक लेकर अपने गांव की तरफ चल दिया, इस वक्त वो एक बहुत ही सुनसान जंगल वाले रास्ते पर था कि अचानक उसकी बाइक खराब हो गई… वो अपना मोबाइल निकाल कर अपने दोस्तों को फोन करने ही जा रहा था कि तभी उसे सामने से एक मोटरसाइकिल आती नजर आई_ वो कामरान था, पास आकर उसने पूछा : क्या हुआ फैसल ?_ सुना है तुम्हारी बाइक खराब हो गई है..? फैसल ने कहा : हांँ यार ,लेकिन तुम इस वक्त यहांँ कैसे..?

कामरान के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कुराहट थी और वो फैसल से कह रहा था कि मुझे तुमसे एक जरूरी बात करनी है, फैसल ने कहा : यार जो भी बात करनी हो जल्दी से बताओ मुझे अपने घर भी जाना है मेरी मम्मी की तबीयत बहुत खराब है.. कामरान ने कहा : लगता है तुम्हें ऊपर जाने की बहुत जल्दी है..! फैसल ने हैरान होकर कामरान से पूछा : क्या मतलब..? कामरान ने कहा : मतलब तुम्हारे जल्द ही समझ में आ जाएगा..” और फिर कामरान ने एक चाकू निकाला और फैसल की गर्दन काट दी….

सुबह जब ये सारे दोस्त क्लास की तरफ जा रहे थें तो रेहान ने कहा : ” यार ! आज फैसल नहीं आया है शायद उसकी मम्मी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है.. कामरान ने कहा : हांँ यार, मुझे भी यही लगता है.. लेकिन तभी रेहान के मोबाइल की घंटी बजी, उसने फोन उठाया और फिर चीख चीख कर रोने लगा.. रेहान ने सारे दोस्तों को बताया कि फैसल के पिताजी ने फोन करके बताया है कि रात किसी ने फैसल की गर्दन काट कर उसे मार डाला है…

ये सुनकर जैसे सभी को सांप सूंघ गया हो, सब हैरान-परेशान फैसल के घर पहुंचे, सना बहुत रो रही थी क्योंकि वो फैसल से बहुत मोहब्बत करती थी.. शाम तक फैसल को नहला कर दफना दिया गया.. लेकिन अगले दिन इन लोगों की हैरानी की इंतिहा ना रही जब इनको मालूम हुआ कि कोई कब्र खोदकर फैसल की लाश निकाल ले गया है…

सना रोते हुए रेहान से कह रही थी कि ऐसा हमारे फैसल के साथ कौन कर सकता है_ वो तो बहुत सीधा सादा था उसने किसी का क्या बिगाड़ा होगा जो उसे ऐसी बेरहमी से कत्ल कर दिया गया… कामरान भी इन लोगों के दुखों में बराबर का शरीक था और उनके सामने अपना दुख जता रहा था.. पुलिस इस मामले की तहकीक में लगी हुई थी लेकिन उसे अभी तक कोई सुराग नहीं मिला था…

तीन दिनों के बाद सना रात के वक्त अपने कमरे में लेटी हुई थी कि तभी उसे खिड़की के बाहर किसी की आहट महसूस हुई, उसने उठकर खिड़की खोली तो बाहर ” कामरान ” खड़ा था_ वो कह रहा था कि सना ! मुझे तुमसे बहुत जरूरी बात करनी है क्या मैं अंदर आ जाऊं…? सना ने कहा : नहीं कामरान, घर में भाई और अम्मी- अब्बू है_ अगर उनको मालूम हो गया कि रात में मेरे कमरे में कोई लड़का आया है तो मुझे जान से मार डालेंगे…

लेकिन अगले ही पल सना की चीखें निकल पड़ी जब उसने देखा कि कामरान उसी के कमरे में उसके पीछे खड़ा है.. ये देखकर वो बहुत हैरान हुई और कहने लगी : तुम कमरे के अंदर कैसे आ गए..? कामरान के चेहरे पर शैतानी मुस्कुराहट थी और वो कह रहा था : सना ! मैं इंसान नहीं हूंँ बल्कि एक नाग हूंँ_ तुम लोगों ने मेरी नागिन को मार डाला है इसलिए अब मैं तुम में से किसी को भी नहीं छोडूंगा…

इतना कहकर कामरान ने एक चाकू निकाला और सना की गर्दन काट दी.. सुबह ये खबर हवा की तरह फैल गई, अब इन दोस्तों के ग्रुप में सिर्फ तीन लोग ही बचे थें = रेहान, संदीप और अलीजा.. और इन तीनों दोस्तों में चौथा ” कामरान ” था…

ये सारे लोग जल्दी से सना के घर पहुंचे, अलीजा सना को पकड़ कर रोने लगी, उसकी हालत बहुत बुरी हो रही थी, शाम तक सना को भी कब्रिस्तान में दफना दिया गया..

शाम को संदीप ने रेहान और अलीजा को अपने पास बुलाया और कहा : देखो मैं तुमसे एक बात कहना चाहता हूंँ, मुझे मालूम है कि ये काम किसी हमारे अपने का ही है इसीलिए वो हम में से एक एक दोस्त को अपना निशाना बना रहा है_ इससे पहले कि हम उसका निशाना बनें हमें पहले ही इस मामले की हकीकत मालूम कर लेनी चाहिए…

अलीजा ने कहा : हम अपने दोस्तों का बदला जरूर लेंगे इसलिए तुम बताओ इसके लिए हमें क्या करना है..? संदीप ने कहा : आज सना की मौत हुई है और मुझे पूरा यकीन है कि जैसे फैसल की लाश कबर से गायब हुई थी उसी तरह आज भी वो का़तिल सना की भी लाश को उठाने आएगा_ इसलिए अगर तुम लोग मेरा साथ दो तो आज हम कब्रिस्तान में चलकर रात गुजरते हैं और उस कातिल का पता लगातें हैं..

रात में ये तीनों दोस्त कब्रिस्तान पहुंच गएं और एक बड़ी कबर के पीछे छुपकर बैठ गएं.. कब्रिस्तान बहुत डरावना लग रहा था क्योंकि ये लोग भी पहली बार रात में कब्रिस्तान आए थें.. रात के वही कुछ 11:00 बज रहे थें कि तभी इन लोगों को दूर से कुत्ते भौंकने की आवाज सुनाई दी_ और फिर धीरे धीरे किसी के कदमों की आहट महसूस हुई, ऐसा लग रहा था जैसे दूर से कोई चलता हुआ आ रहा है_ ये तीनो संभलकर बैठ गएं….

जब वो इंसान चलता हुआ इन तीनों के पास से गुज़रा तो उसे देखकर इन लोगों के होश उड़ गए, क्योंकि वो कोई और नहीं_ बल्कि ” कामरान ” था, वो चलता हुआ सना की कब्र के पास पहुंचा और उसकी कब्र खोदने लगा, थोड़ी देर के बाद उसने सना की लाश बाहर निकाली और और उसे अपने कंधे पर लादकर सामने जंगल की तरफ जाने लगा.. ये लोग भी उठकर उसके पीछे चल दिएं…

चलते-चलते कामरान जंगल के बीच एक पुराने कुएं के पास जाकर रुक गया, और फिर वो कुएं के अंदर उतरने लगा, ये लोग भी उसके पीछे कुएं के पास पहुंचे_ वो एक पुराना सूखा हुआ कुआं था जिसमें नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई थीं, ये लोग सीढ़ियों से उतरते हुए नीचे पहुंच गएं, सामने एक बड़ा सा कमरा बना हुआ था जिसका दरवाजा बंद था, संदीप ने दरवाजे पर हाथ रखा तो वो खुद ब खुद खुल गया…

जैसे ही इन लोगों की नजर अंदर पड़ी तो इन लोगों के होश उड़ गएं_ सामने एक पत्थर का तख्त बना हुआ था जिस पर सना और फैसल की लाश पड़ी हुई थी उसी के बगल में एक और बड़ा पत्थर भी था जिस पर किसी अनजान खूबसूरत लड़की की लाश पड़ी हुई थी…

उसी दम कामरान ने फैसल और सना की लाश पर कुछ पढ़कर फूंका तो अचानक उनकी लाश से धुआं सा निकलने लगा और वो धुआं बगल में लेटी उस खूबसूरत लड़की के जिस्म में घुसने लगा, देखते ही देखते फैसल और सना की लाश एक हड्डियों के ढांचे में बदल गई उनके जिस्म पर गोश्त का एक टुकड़ा भी नहीं बचा था…

ये देखकर इन तीनों के होश उड़ गएं, लेकिन तभी कामरान की नजर इन तीनों पर पड़ी और वो बहुत घबरा गया लेकिन अगले ही पल वो बहुत तेज तेज हंसने लगा और कहने लगा : मेरे दुश्मन खुद ही मेरे पास आ गए हैं आज मैं अपने मकसद में कामयाब हो जाऊंगा…

रेहान ने आगे बढ़कर कहा : कामरान ! तुम तो हमारे सबसे जिगरी दोस्त थे तो फिर तुमने फैसल और सना को क्यों मार डाला…? कामरान ने गुस्से में जवाब दिया : तुम लोगों ने मेरी नागिन महबूबा को मार डाला था_ मैं एक नाग हूंँ अभी कुछ दिन पहले तुम लोग फैसल के गांव घूमने गए थें तब मैं और मेरी नागिन उसी जंगल में तुम लोगों की हंसी- तफरी देखकर बहुत खुश हो रहे थें_ उस वक्त हम लोग सांप की शक्ल में थें…

लेकिन तभी तुम लोगों की नजर हम पर पड़ गई और तुम लोगों ने पत्थर मारना शुरू कर दिएं, मैं तो वहांँ से भाग निकला लेकिन मेरी नागिन को तुम लोगों ने तड़पा- तड़पा कर मार डाला_ जब तुम लोग वहां से चले गएं तो मैं अपनी नागिन के पास गया और उसे पकड़ कर रोने लगा_ वो मेरे हाथों में ही तड़प तड़प कर मर गई..

तभी वहांँ एक जादूगर आ गया और उसने मुझसे कहा कि
मैं एक ऐसा तरीका जानता हूंँ जिससे तुम्हारी नागिन फिर से ज़िंदा हो जाएगी, लेकिन मैं वो तरीका तुम्हें एक शर्त पर ही बताऊंगा.. मैंने कहा कि मैं अपनी नागिन को ज़िंदा करने के लिए सब कुछ करने को तैयार हूंँ, उसने कहा : जब तुम्हारी नागिन ज़िंदा हो जाएगी तो उसके बाद तुम्हें मुझे 41 दिनों तक किसी इंसान को मारकर उसका खून लाकर देना है मैं उसके जरिए एक बहुत बड़ा जादू का काम करूंगा और फिर मैं सारी दुनिया का बादशाह बन जाऊंगा…

फिर वो जादूगर मुझे इसी कुएं में लेकर आ गया और इस पत्थर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जिन- जिन लोगों ने तुम्हारी नागिन को मारा है तुम्हें उनकी लाश लाकर इसी पत्थर पर रखना है और फिर एक मंत्र पढ़ना है_ जब तुम उनमें से सारे लोगों को मारकर उन पर ये मंत्र पढ़ लोगे तो तुम्हारी नागिन जिंदा हो जाएगी…

कामरान ने कहा : मैंने तुम्हारे दो दोस्तों को तो मार डाला है अब तुम तीनों की बारी है, आज मैं तुम तीनों को भी मारकर अपनी नागिन को ज़िंदा कर लूंगा..,

इतना कहकर कामरान ने अपना हाथ हवा में लहराया अचानक उसके हाथों में तीन चाकू आ गएं और फिर उसने वो चाकू इन तीनों की तरफ फेंकें_ अभी वो चाकू इन तीनों की गर्दन में लगने ही वाले थें कि तभी वहांँ अचानक एक सफेद धुआं सा आ गया और उसने इन चाकुओं को रोक लिया…

अगले ही पल वो धुआं कामरान की तरफ बढ़ने लगा और उसे अपने घेरे में ले लिया, कामरान ज़मीन पर गिरकर तड़पने लगा_ देखते ही देखते कामरान का जिस्म आग में जलने लगा और उसके पास पड़ी उसकी नागिन महबूबा भी आग की लपेट में आने लगी.. थोड़ी देर में कामरान और उसकी नागिन जलकर राख हो चुके थें…

फिर वो धुआं एक इंसान की शक्ल में बदलता चला गया और इन तीनों के सामने आकर खड़ा हो गया_ वो कोई बहुत बूढ़े जादूगर बाबा थें जो इन तीनों से कह रहे थें कि बच्चों ! अब तुम्हें उस नाग से डरने की जरूरत नहीं है वो मर चुका है, मैंने उस जादूगर बाबा को भी मार डाला है जिसने कामरान से 41 दिनों तक इंसानी खून लाने को कहा था_ अगर वो जादूगर अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो जमीन में बहुत खून- खराबा करवाता और लोगों को आपस में लड़वा देता..

” अब तुम लोग खुशी खुशी अपने घर जाओ और कभी भी किसी अनजान मख़लूक़ पर भरोसा मत करना और ना ही बगैर सोचे- समझे किसी सांप बिच्छू को मारना_ ये तुम्हारी ही गलती थी कि तुमने बगैर सोचे समझे उस नागिन को मार डाला था…

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