बहू ने सास को ज़हर देने की कोशिश की|Saas bahu Hindi Story|read now

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Saas bahu Hindi Story

Saas bahu Hindi Story

अंजली अपनी सास और पति के साथ रहती थी, शुरुआत में तो दिन शांति से बीते, लेकिन कुछ समय बाद दोनों में झगड़े होने लगे।

इन झगड़ों ने घर का माहौल खराब कर दिया, इन बातों की वजह से उसका पति भी परेशान रहता था। अंजली को लगने लगा कि वो अब अपनी सास के साथ नहीं रह सकती, क्योंकि रोज़-रोज़ के झगड़ों के कारण पूरे परिवार में उसकी बदनामी हो रही थी और पति की गरीबी की वजह दूसरा घर लेकर अलग रहना संभव भी नहीं था,

इसलिए अंजली ने अपनी सास को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया…अंजली के चाचा एक बड़े डाक्टर थें, वह उनके पास गई और अपनी दु:ख भरी कहानी सुनाकर बोली: चाचा जी ! मुझे थोड़ा सा ज़हर दे दो_ मैं अपनी सास को मारकर उससे छुटकारा पाना चाहती हूँ..

अंजली के चाचा एक अक़लमंद इंसान थें, वो उसकी समस्या समझ गएं और उसके समाधान का एक तरीका निकाला और कहा: बेटी! अगर तुम अपनी सास को मारने के लिए ज़हर का इस्तेमाल करोगी तो सब लोगों को तुम पर शक हो जाएगा और तुम जेल चली जाओगी_ इसलिए मैं तुम्हें एक ऐसी दवा दे रहा हूं कि जिससे धीरे-धीरे शरीर में ज़हर का असर होता जाएगा और फिर तुम पर किसी को शक भी नहीं होगा…

बेटी ! तुमको ये काम करना है कि रोज़ाना कुछ अच्छा खाना पकाकर उसमें ये दवा डाल देना, और हां! इस बात का ध्यान ज़रूर रखना कि तुम इतने दिनों तक अपनी सास के साथ बहुत मोहब्बत और प्यार से रहना ताकि किसी को तुम पर शक भी ना हो सके, उनसे लड़ाई झगडा़ मत करना, उनकी हर बात मानना और अपनी माँ की तरह उनके साथ बर्ताव करना…

अंजलि ने अपने चाचा से कहा कि चाचा जी ! मैं इन सारी बातों का पूरा ख्याल रखूंगी, और फिर दवा लेकर अंजलि घर वापस आ गई_

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अब वो रोज़ाना कुछ अच्छा पकाकर अपनी सास के खाने में वो दवा मिला देती और फिर बहुत सलीके़ से एक प्लेट में खाना सजाकर मुस्कुराती हुई अपनी सास को खाना पहुंचा देती…

जब भी उसकी सास उस पर गुस्सा होती तो वो बड़ी खामोशी से उनकी बातों को सुनती और अपने गुस्से को काबू में रखकर चाचा की सलाह के अनुसार अपनी सास की खूब सेवा करती, उनके गुस्से की किसी बात का जवाब ना देती..

6 महीने बीत गए अब तो घर का नक्शा ही बदल गया, सास ने जब देखा कि मेरी बहू मेरा बहुत ख्याल रखती है और मेरी किसी बात का जवाब नहीं देती है तो सास को भी बहू से मुहब्बत हो गई और वो उसको अपनी बेटियों की तरह मानने लगी,

सास का अच्छा व्यवहार देखकर अंजलि भी अपनी सास को अपनी मां की तरह समझने लगी और उनके साथ बहुत प्यार मोहब्बत से रहने लगी…अंजलि के इस अच्छे व्यवहार की वजह से उसका पति भी उससे बहुत ख़ुश रहने लगा, और अंजलि के अच्छे संस्कार की पूरे परिवार में चर्चा होने लगी, सब उसकी बहुत तारीफ करते थें..

अब एक दिन अंजलि फिर अपने चाचा से मिलने गई और बोली कि चाचा पिछले एक महीने से मैं अपनी सास को तुम्हारी जड़ी-बूटी नहीं खिला रही हूँ, क्योंकि अब वह मेरा बहुत ख्याल रखती हैं , इसलिए चाचा अब आप मुझे कोई ऐसी दवा दीजिए जिसकी वजह से मेरी सास के जिस्म से उस ज़हर का असर बिल्कुल खत्म हो जाए…

चाचा ने मुस्कुराते हुए कहा: बेटी! तुमको डरने की ज़रूरत नहीं है, मैंने तुमको उस दिन ज़हर नहीं दिया था, बल्कि तुम्हारी सास के लिए ताकत की दवा दी थी, क्योंकि ज़हर तुम्हारे दिमाग और व्यवहार में था, लेकिन अब तुमने अपने प्यार और मोहब्बत से उस ज़हर को खत्म कर दिया है, जाओ और एक खुशहाल जीवन जिओ..

याद रखना! हमारा व्यवहार, हमारे शब्द और लहजा तय करता है कि दूसरे हमारे साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका सम्मान करें और अपने अधिकारों को पूरा करें, तो सबसे पहले आप उनके अधिकारों को पूरा करके उनका सम्मान करना शुरू कर दीजिए, फिर देखना सारे लोग तुम्हारी कैसी तारीफ करते हैं..


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