एक पत्नी की दुखभरी कहानी। Motivational story

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एक खूबसूरत प्रेम कहानी के बाद उन्होंने शादी कर ली…

और दो हफ्ते बाद पति काम पर जाने के लिए उठा और अपना चेहरा धोने के लिए बाथरूम गया।

उसने आईने में देखा कि उसके चेहरे पर अलग-अलग रंगों से कुछ शक्लें बनी हुई हैं…

उसकी सीधी-सादी बीवी, बचकाना और मासूम दिल रखने वाली, उसने सोते वक्त उसके चेहरे पर कुछ लिख दिया था..

उसने इसे बड़े प्यार से अंजाम दिया था, वो उस पर हंसने के लिए तैयार थी, सुबह वह उसके पीछे दौड़ेगा, उसे पकड़ कर उसके गाल पर चुटकी लेगा, फिर उसे कसकर गले लगाएगा और उससे कहेगा कि वो उससे बहुत प्यार करता है, फिर वो दोनों पूरा दिन उसके चेहरे पर हंसेंगे…

उस बेचारी मासूम बीवी ने पिछली रात ही ऐसा सपना देखा था..

लेकिन उसके पति ने गुस्से में अपना मुंह धोया और फिर किचन में कॉफी पीने के लिए चला गया जो वह रोज सुबह पिया करता था..

उसकी पत्नी आज कॉफी बनाना भूल गई थी, क्योंकि वो उससे थोड़ा सा झगड़ना चाहती थी, अपने पति से कुछ रोमांस की उम्मीदें, जो उसने हमेशा फिल्मों में देखा था और किताबों में पढ़ा था….

पर जब उसे कॉफी नहीं मिली तो वो गुस्सा होकर उसके पास आया…

वह उस पर चिल्लाया और उसे तब तक थप्पड़ मारता रहा जब तक कि उसने उसे जमीन पर नहीं गिरा दिया, और कहा :

“मैंने तुम्हारे साथ खेलने के लिए शादी नहीं की है, मैं एक आदमी हूँ,छोटा बच्चा नहीं हूँ”

“मैंने एक परिवार बनाने के लिए तुमसे शादी की है, ताकि सभी की नजरों में एक आदमी बन सकूँ”

“पागल हो क्या तुम, प्यार और रोमांस की कहानियों की तरह जीना चाहती हो.. जागो, जागो…”

” तुम किसी फिल्म की हीरोइन नहीं हो, जो कहानियां तुम पढ़ा करती हो वह सब खत्म हो चुकी हैं”..,

“कहानियों से घर नहीं बनेगा, और ना ही खाना बनेगा, ये कहानियाँ तुम्हारे बच्चों को नहीं पालेंगी”

वह बेचारी मासूम बीवी खड़ी रो रही थी और अपने दुपट्टे से अपने आंसू पोछ रही थी,
पति ने उस पर चिल्लाते हुए कहा :

“आज मैं अपने दोस्तों को लंच पर बुलाऊंगा, मैं चाहता हूँ कि जब वह आएं तो सारा खाना तैयार हो जाए… तुम समझ गई ना”…

“और अगर खाने पीने में कुछ कमी रही तो तुझ पर अफसोस हो…”

वो उस वक्त खुद को ऐसे आदमी के रूप में देख रहा था कि जिसकी पत्नी उसकी इच्छाओं पर चलती है…

वो अपनी पत्नी को जख्मी दिल के साथ छोड़कर बाहर चला गया..

वह खड़ी इतनी जोर-जोर से रो रही थी कि वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी..

वह जल्दी से दोपहर का खाना तैयार करने लगी उसकी आंखों से बराबर आंसू बहते जा रहे थे..

पति उस दिन काम पर नहीं गया, अपने दोस्त के घर चला गया..

वो सोच रहा था कि उसने जो किया वो सही किया या गलत..?

वो अपने दोस्त से जाकर सब बताने लगा ,

“आज मैंने अपनी बीवी को ये-ये कहा, ऐसे डांटा, ऐसे मारा”…

लेकिन सौभाग्य से उसका दोस्त उसके जैसा नहीं था..

उसने उसे अपनी बात पूरी करने की अनुमति नहीं दी, और यह कहते हुए उसे बीच में ही रोक दिया :

“व्हाट_मैन आर यू ★”

“यह सब कैसी क्रूरता तुम्हारे अंदर भरी है”

“इस तरह तुम अपनी पत्नी के साथ व्यवहार करते हो ?★”

“क्या तुम एक अच्छे पति हो?

क्या तुमने ईश्वर के दूत को नहीं सुना:

“महिलाओं के प्रति दयालु रहो, महिलाएं कांच की बनी बोतल की तरह होती हैं, आपको उसके साथ नरमी से व्यवहार करना होगा, उसके प्रति दयालु होना होगा, उसके साथ कोमल होना होगा, उसे दुलारना होगा और उसे तोड़ना नहीं होगा”

“अरे यार ! तुमने अभी कुछ समय पहले अपनी पत्नी से खाना पकाने और बच्चों की परवरिश के बारे में जो बताया था, वो सब मूल रूप से उसके साधारण कामों में से एक है, जिसे वो रोज करती है…”

” और तुम्हारा उसके साथ दयालु और स्नेही होने से ही तुम्हारे लिए उसका प्यार और जुनून बढ़ेगा”

“वो आपको बताए बिना घर के वो सारे काम करेगी जो तुम चाहते हो”

” वह तेरी दासी नहीं है, और न वह घर की नौकरानी है “..

“तूने भी उससे इसलिए शादी नहीं की है कि जब उसकी जरूरत पड़े तो तू उसे इस्तेमाल करे, वरना उसे कूड़े की तरह फेंक दे…”

“मेरे दोस्त ! वो आपकी पत्नी है, आपका जीवन है, आपका सब कुछ है, उसे परेशान मत करो..”

“ईश्वर से माफी मांगो, और अपनी पत्नी के पास लौट जाओ, उसकी इज्जत करो, और फिर कभी उसको तकलीफ ना देना..”

पति दुखी हुआ, बहुत पछताया, और अपने अंदर कुछ कमजोरी महसूस की…

वो रो रहा था, और अपने किए पर बहुत शर्मिंदा था.

और फिर उसने पत्नी को यह बताने के लिए फोन करने का फैसला किया कि उसने अपने दोस्तों के साथ दोपहर का लंच कैंसिल कर दिया है, और वो घर आ रहा है, वो उसके साथ बैठकर खाना खायेगा, वो उसे बहुत याद कर रहा है…

फोन की घंटी बजी, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया…

उसने वापस कॉल किया..

लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया …

“उसने कहा:” कोई बात नहीं, शायद वह कामों में व्यस्त है इसीलिए वह फोन नहीं उठा सकी…

वह घर लौटा, घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया…

उसने अपनी जेब में चाबी ढूंढी, लेकिन सुबह वह गुस्से में चाबी ले जाना भूल गया था…

उसने खुद से सवाल किया :

“वो क्या कर रही होगी..?”

उसने फिर से घर की घंटी बजाई, लेकिन किसी ने उसे जवाब नहीं दिया…

और अचानक उसका फोन बजने लगा, फोन करने वाला उसका साला था, उसने बताया :

“बहन ने मुझे फोन करके बताया, भाई ! मैं ठीक नहीं हूं, मेरी तबीयत बहुत खराब हो रही है, मुझे अस्पताल लेकर चलो”…

उसने बताया : ” बहन यह सब बताते हुए बहुत रो रही थी, वह कह रही थी भाई ! जल्दी से आ जाओ, मुझे बहुत डर लग रहा है”

यह सुनकर उसके पति का दिल इस ख्याल से रुक ही गया था कि ” उसके साथ कुछ बुरा हुआ है”

उसने एक “टैक्सी” रोकाई, और अस्पताल चला गया..

वहाँ उसे उसका पूरा परिवार मिला..

उनके चेहरे पर उदासी छाई हुई थी..

उसने सोचा कि वे उससे गुस्से में मिलेंगे, क्योंकि उसकी पत्नी ने उन लोगों से इसकी शिकायत की होगी,

लेकिन थोड़ी देर के बाद उसको लगा कि उसकी पत्नी ने किसी को कुछ भी नहीं बताया है…

वह भी उनके साथ इंतजार करने लगा..

कई घंटों के बाद डॉक्टर उनके पास आए, सिर झुकाया और उनसे कहा :

” I am sorry… हमने बहुत कोशिश की लेकिन हम उसे बचा नहीं पाए… हमें बहुत अफसोस है… वह मर गई है “

शाम को पति अपनी पत्नी के भाई से दूसरी चाबी लेकर घर आया..

ताला खोलकर घर के अंदर गया, तो टेबल को ढका हुआ पाया..

उसने टेबल पर से कपड़ा हटाया, टेबल पर बहुत ही स्वादिष्ट व सुंदर तरीके के पकवानों की डिशें लगी हुई थी..

उसने फ्रिज के दरवाजे के ऊपर एक कागज लटका हुआ देखा उसने उसे खोला तो उसमें लिखा हुआ था :

” मेरे प्यारे पति,

“आज सुबह जो मैंने गलती की मुझे उसके बारे में बहुत अफसोस है आप मुझे माफ कर दो, मैं आपसे बहुत मोहब्बत करती हूँ”

“मैं चाहती थी कि आप मुझे गले लगा कर मुझसे कहें कि ” मैं तुमसे बहुत मोहब्बत करता हूँ, तुम मेरी जिंदगी हो… “

“लेकिन मैं अपने चुलबुलेपन की वजह से नहीं समझ पाई कि आप मेरी इस हरकत पर बहुत गुस्सा हो जाएंगे, मैं आपसे वादा करती हूँ कि अब मैं कभी आपको परेशान नहीं करूंगी… “

“मुझे उम्मीद है कि आपके दोस्तों को खाना बहुत पसंद आएगा”
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ये उस आदमी के लिए शर्म की बात है जो अपनी बीवी से प्यार तो करता है लेकिन यह भूल जाता है कि उस पर दया करना और उससे मोहब्बत करना ईश्वर ही का एक आदेश है…

अपनी बीवी को याद रखो, घर जाओ तो मुस्कुराओ, तुम्हारी बीवी भी मुस्कुराएंगे…

और मुझे पता है कि एक खुशहाल घर बनाने के लिए “धैर्य, इमानदारी और प्रेम” की आवश्यकता होती है…

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