सास बहू की 5 कहानियां 😓|Top 5 Saas Bahu Stories|read now

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Top 5 Saas Bahu Stories…

1- सास और नई बहू|Hindi Story

Top 5 Saas Bahu Stories

शादी के अगले दिन जब बहू सोकर उठी तो सांस की चीखती हुई आवाज उसके कानों में पड़ी..

” सुबह जल्दी उठ जाया करो, हम लोग सुबह 6:00 बजे चाय पी लेते हैं, तुम्हारी ये बुरी आदतें हम बर्दाश्त नहीं करेंगे, यह तुम्हारी मां का घर नहीं है कि जब मर्जी हो तब उठो…

बहू ने कोई जवाब नहीं दिया, अपने कमरे वापस चली गई और एक डायरी, पेन और दो बैग लेकर बाहर आई, और कहा : सासू मांँ ! यह वो लिस्ट है जो आप लोगों ने शादी से पहले मेरे घर भिजवाई थी, आप मिलवा लें, कोई चीज की कमी नहीं रही…

होंडा सिटी गाड़ी : पैंतीस लाख, तीस हजार..

स्मार्ट टीवी 42 इंच : बावन हजार..

फ्रिज : पचास हजार और वाशिंग मशीन ऑटोमेटिक पैंतीस हजार..

मिक्सी और इलेक्ट्रॉनिक सामान : एक लाख, साठ हजार..

सोफा, डायनिंग टेबल, डबल बेड : एक लाख बावन हजार नगद, और पांच लाख तीस हजार की ये रसीदें…

आप दोनों ने अपने लड़के की कीमत लगाई और मेरे मां बाप ने उतने पैसे देकर मेरे लिए एक पति खरीद लिया, अब आप बताएं कि मेरे बारे में कोई डिमांड नहीं की गई थी कि लड़की कैसी होनी चाहिए और कितने बजे जागना और सोना चाहिए..

फिर बहू ने एक बैग की चैन खोली, सब लोग बैग की तरफ देखने लगें, सास ने पूछा : इसमें क्या है..? बहू ने जवाब दिया कि विदाई के वक्त मेरे पिता ने मुझे यह रिवाल्वर दी थी और कहा था कि बेटी जब तक तू मेरे घर में थी तो तेरी हिफाज़त करना मेरी जिम्मेदारी थी और अब तू दूसरे घर जा रही है इसलिए अब तू अपनी हिफाजत खुद ही करना..

सास ने लड़खड़ाती आवाज़ में कहा_ ” बहु ! लगता है तुम्हारी नींद अभी कच्ची है, जाकर सो जाओ, और जब नींद पूरी हो जाए तो खुद से उठ जाना_ मेरी शहजादी…


2- काली बहू और सास|Hindi Story

Hindi Story

नाजि़या का रंग साफ नहीं था इसीलिए शादी के कुछ दिनों के बाद ही सास के ताने मिलना शुरू हो गए कि ये काली कलौटी बहु मेरे ही नसीब में लिखी थी…

नाजि़या की एक छोटी ननद भी थी जो हर वक्त किसी ना किसी बहाने से नाजि़या को बुरा भला कहा करती थी, एक दिन नाज़िया किचन में काम कर रही थी_ उसकी ननद किचन में आकर कहने लगी : अरे भाभी ! ये आप हो, मैंने समझा कि काम वाली बाई प्याज काट रही है..

नाज़िया ने मुड़कर अपनी ननद की तरफ देखा, उसके चेहरे पर मजा़क वाली मुस्कुराहट थी.. उस दिन के बाद से नाज़िया ने खुद पर ध्यान देना शुरू कर दिया ताकि कोई उसे कामवाली बाई ना समझे (क्योंकि कामवाली बाई भी काली थी)_

लड़की चाहे गोरी हो या काली, उसे ईश्वर ही ने तो पैदा किया है लेकिन हमारी सोसाइटी ने आज ये कानून बना रखा है कि हर काले रंग वाली लड़की बेचारी सारी उम्र दूसरे लोगों का मजा़क बनती रहती हैं..

एक दिन नाज़िया अपनी बहन के यहां जाने के लिए तैयार हुई तो उसने लाल रंग का एक खूबसूरत सूट पहना, थोड़ा बहुत मेकअप भी कर लिया, वह हकीकत में देखने में फ्रेश और अच्छी लग रही थी_ उसका पति घर के बाहर मोटरसाइकिल स्टार्ट किए उसका इंतजार कर रहा था…

नाज़िया जैसे ही अपने कमरे से बाहर निकली और सास की उस पर नजर पड़ी तो सास ने मुंह ही मुंह में उसे कोसना शुरू कर दिया_ ” एक तो ऐसा काला रंग और फिर लाल सूट.. अरे बहू ! कुछ तो अपनी लाज रख लेतीं, जाओ और कोई हल्के रंग का सूट पहनो_ ये तुम पर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा है…

यह सुनकर नाज़िया का सारा आत्म-विश्वास टूट गया, उसे ऐसा महसूस होने लगा कि जैसे उसके पैरों में जान ही नहीं बची है.. सास के पास बैठी उसकी ननद भी अपनी माँ की हां में हां मिलाने लगी और ज़हरीले अंदाज़ में कहने लगी_ ” अरे भाभी ! आप हल्के रंग का सूट पहना करें यह भारी रंग आपके ऊपर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है…

उस दिन नाज़िया का दिल पूरी तरह टूट गया था_ वो बाहर खड़े अपने पति से ये कहकर कमरे के अंदर चली गई कि ” मैं पांच मिनट में आती हूंँ “…

थोड़ी देर के बाद जब वो कमरे से बाहर निकली तो उसने एक ब्राउन रंग का सूट पहन रखा था, चेहरा मेकअप से खाली था और आंखों में आंसुओं की एक लडी़….

कुछ दिनों की बाद ननद की शादी लग गई और उसने सोचा कि मैं नाज़िया भाभी से अपनी सारी बुरी बातों की माफी मांग लेती हूं लेकिन उस दिन नाज़िया तेज़ क़दमों के साथ कमरे से बाहर निकल गई…

बाहर सोफे पर बैठी सास नाज़िया पर बड़बड़ा रही थी कि ” हाय ये काली कलूटी बहू मेरी ही किस्मत में लिखी थी, जब रिश्ता देखने गई थी तो पता नहीं कौन सा मेकअप कर लिया था इस चुड़ैल ने, मुझे क्या मालूम था कि ये इतनी काली है कि तवा भी इसे देखकर शर्माए..

नाज़िया अब सास की इन कड़वी- कसौटी बातों की आदी बन चुकी थी_ उस दिन भी जब वो किचन में खड़ी प्याज काट रही थी तो सास बराबर उस पर बड़बड़ाए जा रही थी और अपने बेटे से कह रही थी कि मैंने तुमसे पहले ही कहा था कि ये लड़की तुझे खुश नहीं रख पाएगी, इसका चेहरा तो देखो जैसे हंसी छूकर भी ना गुजरी हो, हर वक्त मुंह बनाए घर में इधर- उधर चक्कर लगाया करती है, कोई काम तो करना आता नहीं है_ मेरा तो इसे देख देख कर जी जलता है…

पति भी मासूमियत से बोला कि मांँ ! मैं खुद भी इससे कहा करता हूं कि खुश रहा करो, तुम्हारे पास किस चीज की कमी है मगर ये मेरी सुनती ही नहीं..” अरे अगर नहीं सुनती तो भगाओ इसको अपनी जिंदगी से और भी बहुत सी लड़कियां मिल जाएंगी मेरे शाहजा़दे को..

उसी वक्त घर के दरवाजे पर दस्तक हुई और एक मेहमान घर के अंदर आएं, मेहमान के आने से सांस की जुबान रुकी और शायद नाज़िया के आंसू भी_ अरे नहीं, नाज़िया तो अभी भी रो रही थी, उसकी आंखों से बराबर आंसू निकलते जा रहें थें शायद प्याज़ कड़वा था या फिर सास की बातें..??

आने वाला मेहमान कोई और नहीं बल्कि नाज़िया की ननद थी जो शादी के बाद आज पहली बार घर आई थी, नाज़िया सुबह से किचन में अकेली काम कर रही थी_ उसने मेहमानों के लिए बिरयानी बनाई, सालन में कोफ्ते और मीठे में ड्राइव फ्राइट_ रायता बनाने के लिए दही लेने को फ्रिज खोला तो उसमें दही नहीं था..

उसने सोचा कि अम्मी से कहकर दही मंगवा लेती हूँ, वह अम्मी की कमरे की तरफ बढ़ी..लेकिन कमरे के बाहर पहुंचते ही नाज़िया के क़दम रुक गएं क्योंकि अंदर से उसकी ननद की रोने की आवाज़ आ रही थी, वह अपनी मांँ से लिपटकर रो रही थी और कह रही थी कि मेरी सास मुझसे कह रही थी कि..

” सिर्फ गोरा होने से कुछ नहीं होता मां-बाप को कुछ काम करना भी सिखाना चाहिए_ मेरी सास मुझे जब भी देखती है तो मुझे कोसना शुरू कर देती है हर वक्त बुरा भला कहा करती है, मेरी शादी को तो अभी सिर्फ 12 दिन ही हुए हैं_ मेरा उस घर में दम घुटता है_ कमरे के अंदर बैठो तो सांस की बातें कि कमरे में घुसी बैठी रहती है कोई काम नहीं करती और बाहर निकलो तो अलग बातें कि इस जैसी फ़ूहड़ बहू तो मैंने आज तक नहीं देखी एक काम करने की तमीज नहीं है..

” मेरी सास हर रोज मेरे पति से मेरी शिकायत लगाती है, और आज सुबह तो ऐसा हुआ कि मेरे पति ने सारे घर वालों के सामने मेरे गाल पर एक तमाचा मार दिया..”कमरे के बाहर खड़ी नाज़िया का दिल जैसे धड़कना भूल गया हो_ वो सोच रही थी कि क्या ईश्वर की तरफ से इंसाफ इतनी जल्दी होने लगता है…

ईश्वर हर बेटी का नसीब अच्छा करे…


3- एक बहू का दर्द😓 – Saas bahu

Hindi Story

सुनीता आज पहली बार अपने मुहल्ले की दोस्त अंजली से मिलने उसके घर गई थी, अंजली की शादी को अभी 2 महीने हुए थें, ये दोनों कमरे में बैठे बातें ही कर रहे थें कि अचानक अंजली की सास ने बड़बड़ाना शुरु कर दिया..

सुनीता ने पूछा : यह तुम्हारी सांस क्यों गुस्सा हो रही है..? अंजली ने कहा : अरे छोड़ो यार! क्या बताऊं, उनकी आदत ही है कि हर आने-जाने वाले के सामने मेरा रोना लेकर बैठ जाती हैं, सारी दुनिया की बुराई मुझमें हैं, सूरत मेरी बुरी, फ़ूहड़ मैं, बच्चों को रखना मैं नहीं जानती, पति की मैं दुश्मन, दुनिया की कोई बुराई नहीं जो मुझमें नहीं और कोई अच्छाई ऐसी नहीं जो उन में नहीं..

” अगर मैं खाना पकाऊं तो ज़ुबान पर रखकर थूक देंगी और फिर मेरे वो नाम रखती हैं कि ईश्वर की पनाह कि दूसरा भी वो खाना ना खा सके_ शुरू शुरू में तो मुझे खाना पकाने में बहुत मज़ा आता था तुम तो जानती हो ना कि अपने घर पर मैं ही खाना पकाती थी और मेरी मम्मी को मेरा पकाया खाना बहुत पसंद आता था यहां तक कि अच्छा खाना पकाने की वजह से मैं अपने रिश्तेदारों में हर जगह मशहूर थी, लेकिन यहांँ तो जो पकाओ उसमें बुराई निकाली जाती है_” नमक तो देखो जैसे ज़हर,मजा ऐसा कि मिट्टी खा लो”…

एक दिन मेरी सास ने खुद ही ” बड़े ” पकाएं, वह इतने बुरे पक्के थें कि हमारे ससुर ने कहा कि ऐसे वाहियात ” बड़े ” किसने बनाए हैं_ ये सुनकर मेरी सास बहुत बड़बड़ाई कि तुमको तो बस बहू के हाथों की चीज़ें अच्छी लगती हैं सारी ज़िंदगी यही तो तुमको पका- पका कर खिलाती रही है.. अब मैं क्या बोलती_ अंदर ही अंदर हंस रही थी, मैंने सोचा कि घर का सारा काम करो और बातें भी सुनो तो इससे बेहतर है कुछ करो ही ना..

अपने कपड़े- सूट मैं हमेशा अपने हाथों ही से सिल लेती हूंँ लेकिन अगर कभी कोई ब्लाउज या कोट किसी दर्जी से सिल्वा लिया तो बस फिर पूरा महीना सुनो_ हर आने- जाने वाले के सामने मेरी बुराई शुरू कर देती हैं कि अरे जी जानती हो ! हमारी बहू तो ” मेम साहेब ” है वह दर्जी से अपने कपड़े सिलवाती है.. मैं चाहे जितना छुपाकर भी किसी दर्जी को अपने कपड़े दूं फिर भी मेरी पीठ पीछे उनको खबर देने वाले इतने हैं कि उनको हर बात की खबर हो ही जाती है..

वो बड़ा होने और सास बनने का फायदा उठाती हैं, हर वक्त मुझे पढ़ा-लिखा होने का ताना देती हैं, कोई किताब मेरे हाथ में देख ली तो जल- भुन जाती हैं अगर किसी से बात करती देखें तो समझती हैं कि मैं उन्ही की बुराई कर रही हूंँ_ उनको मेरी कोई बात भी पसंद नहीं..

मेरी सास को सबसे ज्यादा बुरा तब लगता है जब वो हम दोनों पति पत्नी को खुश देखती हैं, अगर मेरे पति कभी कुछ मेरे लिए ले आएं और मेरी सास को खबर हो जाए तो जल- भुन जाती हैं और उठते बैठते मेरे पति को ताने देती हैं कि तुम तो बीवी के गुलाम हो_ और फिर हर वक्त मेरी बुराई उनके सामने करती हैं, मेरे पति सुनकर टाल देते हैं और कभी-कभी मांँ से बिगड़ भी जाते हैं और कभी हंसकर कह भी देते हैं कि ” हां माँ ये बहुत बुरी है मेरी दूसरी कर दो”…

पति का ये जवाब सुनकर मेरी सास को और भी गुस्सा आ जाता है और सुनाने लगती हैं कि ” अगर तुम्हारे में इतनी हिम्मत होती तो यह तुम्हारे सर पर इतना ना चढ़ती “.. और फिर दूसरों के सामने कहती फिरती है कि ” मेरा लड़का तो अपनी किस्मत को रोता है मुझसे कहता है कि मेरी दूसरी कर दो…

” उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि मेरे पति मुझसे मोहब्बत क्यों करते हैं, अगर मैं कमरे में आई और मेरे पति मुझसे हंसकर बोलते देख लिया तो फिर आफत आ जाती है और तो और हर वक्त मेरी शक्ल की बुराई उनके सामने किया करती हैं_ मेरे पति भी शरारत में कह देते हैं कि ” अम्मा ! सारी बुराइयां तो ठीक है लेकिन शक्ल तो उसकी बहुत अच्छी है..”

मेरे पति का इतना कहना कि फिर सास को जैसे मिर्ची लग जाती हो :” शर्म नहीं आती तुझे जोरू की तारीफ करता है मेरे सामने”.. मेरे पति को तो ये सुनकर हंसी आ जाती है लेकिन मेरा दिल जल जाता है…

मेरी देवरानियाँ, जेठानियांँ सास की कड़वी ज़ुबान की वजह से घर से अलग होकर शहर में रहती हैं_ जब भी वो सब थोड़े दिनों के लिए घर आती हैं तो दो-चार घंटे तो उनकी खातिर होती है और फिर उनमें भी बुराई निकालना शुरू कर देती हैं_ बुरी तो सारी बहुएं हैं लेकिन सबसे ज्यादा बुरी मैं हूंँ..

जब सारी बहुएं घर आती हैं तो मुझे ये ताना मिलता है कि मैंने सारी बहुओं को बुलाकर सास के खिलाफ ” मिस कोर्ट ” बनाई है_ बदकिस्मती से मैं थोड़ी पढ़ी लिखी हूंँ तो मेरी सास मुझे ” मेम साहेब ” कहकर बुलाती हैं_ मैं तो जब ये अपनी बड़बड़ाहट शुरू करती हैं तो दूसरी तरफ जाकर दरवाजा बंद करके कुछ काम करने लगती हूंँ कि ना सुनूंगी और ना ही बुरा लगेगा…

इन सारी बातों से परेशान होकर पिछले दो हफ्ते पहले मैंने अपना चूल्हा अलग कर लिया है, लेकिन जब से चूल्हा अलग किया है तब से तो घर में एक अलग महाभारत छिड़ी रहती है कि अगर सास की तरफ पकाने जाओ तो भगा देती हैं, और अगर ना जाओ तो इतना बड़ाबडा़ती हैं कि फिर घर में हर आने- जाने वाले से कहती हैं कि हम बूढ़ों का तो कोई सहारा ही नहीं है ऐसी बहू मिली है कि एक रोटी भी पकाकर नहीं खिला सकती है…

अब तुम ही बताओ यार ! मैं क्या करूं_? आज सुबह से बराबर बड़बडा़ए जा रही हैं, पता नहीं कौन सी शिकायत हो गई है? मैं तो अब ध्यान ही नहीं देती हूंँ_ बड़बड़ाने दो..


4- धोखेबाज बहू और सास-moral story

Hindi Story

सास रोज़ाना बहू से लड़ती थी और बेटा रोजाना ऑफिस से वापस आकर अपनी मांँ से लड़ता था, बहू बहुत मासूम और सीधी- सादी थी ऐसा लगता था जैसे उसके मुंह में ज़ुबान ही ना हो, बेटा अपनी मां को बहुत बुरा- भला कहता था यहांँ तक कि कभी कभी गाली भी बक देता था..

बेटे की ये बातें सुनकर माँ सिर्फ एक बात कहती थी कि बेटा मैं तुम्हारी मांँ हूंँ कुछ तो मेरी लाज रखो, मुझे गालियां मत दो… और फिर बेटा चीखता- चिल्लाता अपनी रोती हुई पत्नी को दिलासा देने चला जाता..

एक दिन पति की बहन ने चुपके से मोबाइल में रिकॉर्डिंग लगाकर घर के एक कोने में छुपा दिया_ शाम को जब पति घर वापस आया और उसकी बीवी ने अपने ऊपर हुए जुल्म व सितम की दास्तान सुनाना शुरू की तो बहन ने मोबाइल की रिकॉर्डिंग अपने भाई को सुना दी…

इस रिकॉर्डिंग में सबसे छोटी बात जो पत्नी ने सास को कही थी वो ये कि ” तुझ जैसी कुतिया को अगर ओल्ड होम में भी डलवा दिया जाए तो वहांँ का चपरासी भी अपने कुत्ते को हटाकर तुझे गेट पर बांध दें, कम से कम रोटी का खर्चा तो बचेगा…

और मांँ ने बहु को जो सबसे बड़ी गाली दी थी वो ये थी कि मेरे बेटे से जो तुम रोज करवाती हो क्या वो कम है जो मुझे रोजाना तुम कुतिया कमीनी बोलती हो…

पति को जब ये सारी बातें मालूम हुई तो पहले तो बहुत ज़्यादा रोया और फिर अपनी मांँ से माफी मांगी, पत्नी से कहा कि तुम भी मांँ से माफी मांगो_ लेकिन पत्नी ने जवाब दिया कि ” इस कुतिया से मेरे जूते तक कभी माफी ना मांगे मैं क्या मांगू…

पति ने अपनी पत्नी को उसके सामान के साथ माइके भेज दिया और कह दिया कि अगर इस घर में वापस आना चाहो तो तुम्हें मांँ से माफी मांगनी पड़ेगी, लेकिन पत्नी ने ये शर्त क़बूल करने से मना कर दिया और कह दिया कि मैं सौ जन्म में भी उस बुढ़िया से माफी नहीं मांगूंगी…

पति ने तलाक़ नामा तैयार करवाया और फिर सारे कागजात अपनी पत्नी के घर भेजते हुए कहा कि मैं तुम्हें तलाक देता हूंँ..

ये सुनकर पत्नी बहुत रोई, लेकिन अब तो कुछ नहीं हो सकता था_ हर आने जाने वाले के सामने पत्नी अपनी सास की बुराई करती और खुद को मासूम साबित करती_ कहती कि जैसे मेरी सास ने मुझ पर ज़ुल्म किया है उसकी बेटी के साथ भी ऐसा ही होगा…

अगर कोई उससे कहता कि ” बहन ! तुम्हारा पति तो बहुत शरीफ आदमी था फिर उसने तुमको तलाक क्यों दे दी, तो इस पर वो जवाब देती.. ” अरे बहन वो सिर्फ देखने में शरीफ लगते थें उनकी बाहर मुंह मारने की आदत थी, ये सारे मर्द घटिया कमीने और जानवर होते ही हैं एक औरत के दर्द को कभी नहीं समझते…”


5- ऐसी सास किसी को ना मिले- Hindi stories

Hindi Story

मेरी शादी को 2 साल हो गए हैं। मगर इन 2 सालों में कभी भी मैंने सुख की सांस नहीं ली इसकी जिम्मेदार मेरी सास हैं।

जब से शादी हुई है तब से मेरी जिंदगी बर्बाद की हुई है। सास मुझे घर का कोई काम करने ही नहीं देती। जब भी कोई काम करने लगूं तो एक ही जवाब मिलता है कि ” तुम्हें बेटी बना कर लाए हैं नौकरानी नहीं कमरे में जाकर आराम करो।” मैं तंग आ गई हूं सारा दिन बिना काम के रह कर।

अब कल की ही बात ले लो_ गर्मी के दिन हैं तो मैंने सोचा की पेड़ के नीचे बैठूं, थोड़ा आराम करूं। लेकिन मेरी सासू मां ने तो कमरे में ही A C लगा दिया है कि बाहर बैठोगी तो रंग काला ना पड़ जाए, तुम पापा की परी हो हमारी भी नाजुक सी गुड़िया हो। क्या करूं इतना दिल करता है की घर के कामकाज करूँ सारे काम करना भूल गई हूं ।

मायके जाऊं तो मां डांट लगाती है की ससुराल में हाथ बटाया करो | अब कल ही मैंने सासू मां से कहा कि मुझे किचन में काम करने दें तो मुझे पार्लर भेज दिया_कहने लगी कि अपनी लुक संवार लो, घर के कामकाज के लिए तुम्हारी ननंदें हैं ना। अब तीनो टाइम खाना कमरे में ही मिल जाता है और चाय भी..

पति से शिकायत की तो पति कहने लगे इस मामले में मैं कुछ नहीं कर सकता, मैं मां से बात नहीं कर सकता_ तुम्हें ही सब्र करना होगा। आज सुबह ही सासु मां पति से कह रही थीं इसे किसी ठंडी जगह घुमाने ले जाओ, यहां बहुत गर्मी पड़ रही है..

मैं तो तंग आ गई हूं इन सब चीजों से। अब आप ही बताओ मैं क्या करूं रोने का बहुत दिल करता है लेकिन क्या करूं_ हे मालिक ! ऐसी सास किसी को ना दे।


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